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विवाह स्थलों की होगी मैपिंग, गांव के आरआरसी तथा शहरों के एमआरएफ सेंटर क्रियाशील करने के निर्देश

भारत सरकार के मिशन लाइफ एवं स्वच्छ भारत मिशन को बागपत में मिलेगी नई रफ्तार

कचरा अब समस्या नहीं, बना संभावना: नन्ही कली और स्पर्श एनिमल शेल्टर हाउस बनाकर बागपत ने कर दिखाया

स्वच्छता को लेकर लोगों के व्यवहार में बदलाव पर जोर, माइक्रो प्लान से जल्द बदलती नजर आएगी बागपत की तस्वीर

बागपत, 06 अप्रैल 2026 – आज जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने जनपद बागपत के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विशेष बैठक में संबंधित अधिकारियों को विस्तृत आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में सफल हुए पुरा महादेव महाशिवरात्रि मेले के आधार पर नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को माइक्रो प्लान अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड, प्रत्येक ग्राम पंचायत और प्रत्येक मोहल्ले के स्तर पर सूक्ष्म योजना तैयार की जाए, जिसमें कचरा उत्पन्न होने से लेकर उसके अंतिम निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट हो। विशेष फोकस के साथ सभी नगर निकाय कूड़े-कचरे को एमआरएफ सेंटर पर प्रोसेस करें, ताकि अधिकतम पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) सुनिश्चित हो सके और कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन हो। ग्रामीण क्षेत्रों में आरआरसी सेंटर क्रियाशील हों और वहां भी कचरे का पृथकीकरण, पुन: उपयोग और निस्तारण व्यवस्थित रूप से किया जाए।

उन्होंने कहा कि कूड़ा एक समस्या नहीं, बल्कि संभावना है, जिसे “नन्ही कली” एवं “स्पर्श एनिमल शेल्टर हाउस” के रूप में जनपद बागपत ने कर दिखाया है। इन मॉडलों के माध्यम से न केवल कचरे का उपयोगी प्रबंधन हुआ है, बल्कि इससे रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित हुए हैं। कूड़ा समस्या तब बनता है जब उसका निस्तारण सही ढंग से नहीं हो पाता। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतें एवं नगर निकाय इन उत्कृष्ट मॉडल को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करें, ताकि कचरे से आय का स्रोत विकसित हो और स्वच्छता के स्तर में सुधार हो।

कूड़े-कचरे के एकत्रीकरण हेतु बायलॉज के अनुसार वसूली करने के निर्देश दिए गए, जिसके अंतर्गत आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। खेकड़ा क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की लिस्टिंग कर उन्हें इस प्रणाली से जोड़ने के निर्देश दिए गए, जिससे औद्योगिक कचरे का भी वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो और पर्यावरण प्रदूषण को रोका जा सके।

काठा एवं हसनपुर मसूरी में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, साथ ही बीडीओ को संबंधित सचिवों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति कमजोर है, वहां विशेष ध्यान दिया जाए और नियमित निरीक्षण के माध्यम से सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग मजबूत हो और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जाए।

ठोस अपशिष्ट पृथकीकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाना इस अभियान की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इसके लिए जनजागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, नुक्कड़ नाटक और स्कूल-कॉलेज स्तर पर अभियान चलाए जाएं, ताकि प्रत्येक नागरिक कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग करने की आदत अपनाए। शहर और गांव दोनों ही स्वच्छ बनें, यह सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

डोर-टू-डोर अभियान से कचरा एकत्रीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यह व्यवस्था इतनी प्रभावी हो कि किसी भी परिवार को कूड़ा कहीं और फेंकने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि यदि डोर-टू-डोर कलेक्शन सही ढंग से होगा, तो डंपिंग यार्ड की समस्या स्वतः कम हो जाएगी और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलेगी। इसके साथ ही सभी समस्याओं का गहन विश्लेषण कर समाधान आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रतिदिन और प्रभावी रूप से संचालित हो, इस पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कहीं भी कचरा खुले में पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि कलेक्शन वाहन समय पर पहुंचें, कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो और पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए।

विवाह स्थलों की मैपिंग के निर्देश दिए गए, ताकि वहां से निकलने वाले कूड़े-कचरे का प्रभावी और वैज्ञानिक निस्तारण किया जा सके। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोकथाम के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बड़े आयोजनों में उत्पन्न होने वाले कचरे का सही प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है, अन्यथा यह पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को पूरी तरह लागू कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कचरे का संग्रहण, परिवहन, प्रोसेसिंग और निस्तारण—इन सभी चरणों में मानकों का पालन अनिवार्य है। गर्मी के दृष्टिगत सभी क्षेत्रों में स्थापित वाटर कूलर क्रियाशील रहें और जल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

जागरूकता रैलियां निकालने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि इंटीग्रेटेड मॉडल पर कार्य करते हुए लोगों को कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे प्लास्टिक का उपयोग कम हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। सिसाना आदि गांवों में जलभराव की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए क्योंकि ये क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े हैं।

सफाई कर्मियों को सक्रिय होकर प्रतिदिन कार्य करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक कर्मी को स्पष्ट लक्ष्य दिया जाएगा और उनके कार्य का नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। माइक्रो प्लान के आधार पर कार्य किया जाए और सभी रजिस्टर व्यवस्थित रूप से रखे जाएं, ताकि प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और आवश्यकता पड़ने पर उसका विश्लेषण किया जा सके।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, समस्त बीडीओ, समस्त अधिशासी अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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