बागपत ::- बागपत में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने एक तौल लिपिक का तबादला कराने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। बागपत चीनी मिल के सरूरपुरकलां गांव में दो गन्ना क्रय केंद्र संचालित हैं। इनमें बी क्रय केंद्र पर संविदा तौल लिपिक के रूप में कार्यरत विशेष निवासी सांकलपुट्ठी ने मेरठ स्थित एंटी करप्शन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि मुजफ्फरनगर के अलावलपुर गांव निवासी मुख्य गन्ना अधिकारी राजदीप बालियान ने महेशपुर चौपड़ा के क्रय केंद्र पर तबादला कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की थी। विशेष ने इतनी रकम देने में असमर्थता जताई तो उन्हें नौकरी से हटाने और मिल गेट पर लगाने की धमकी दी गई। बाद में 15 हजार रुपये में बात तय हुई। योजना के तहत बुधवार को तौल लिपिक विशेष चीनी मिल परिसर स्थित कार्यालय में मुख्य गन्ना अधिकारी के पास पहुंचे। जैसे ही उन्होंने 15 हजार रुपये दिए, पहले से घात लगाए बैठी एंटी करप्शन टीम ने मुख्य गन्ना अधिकारी राजदीप बालियान को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम आरोपी को अपने साथ बागपत कोतवाली ले आई, जहां उससे पूछताछ की गई। मामले की जानकारी मिलने पर कई अन्य तौल लिपिक भी कोतवाली पहुंचे और मुख्य गन्ना अधिकारी पर आरोप लगाए। इस घटना के बाद चीनी मिल से जुड़े कर्मचारियों में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। सीओ विजय चौधरी ने बताया कि एंटी करप्शन टीम आरोपी मुख्य गन्ना अधिकारी को अपने साथ ले गई है। आगे की कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।