राजस्व-पुलिस-खनन की एकजुट ताकत, अवैध परिवहन पर इंटीग्रेटेड मॉडल से कसा शिकंजा
अवैध खनन पर बागपत प्रशासन का ऑपरेशन तेज, रात-दिन की चेकिंग और ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी
10 जनपदों से समन्वय कर 408 वाहनों को कराया ब्लैकलिस्ट, जनवरी में 80 वाहनों पर एक्शन में 66 लाख का लगाया जुर्माना
बागपत, 01 फरवरी 2026। जनपद में अवैध उपखनिज परिवहन और खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई को नए स्तर पर पहुंचा दिया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में राजस्व, पुलिस, खनन और परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से 24×7 चेकिंग व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना रॉयल्टी उपखनिज का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अवैध उपखनिज परिवहन की रोकथाम के लिए निवाड़ा चौकी, जीवाना टोल प्लाजा और डूंडाहेड़ा चौकी पर चौबीसों घंटे संयुक्त जांच शुरू की गई है। इन चेक पोस्टों पर तहसील स्तर के राजस्व अधिकारी पुलिस विभाग के सहयोग से तैनात हैं, जहां वाहनों के दस्तावेज, रॉयल्टी रसीद और परमिट की सख्ती से जांच की जा रही है। प्रमुख प्रवेश मार्गों और सीमा क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ने से अवैध परिवहन के प्रयासों पर त्वरित रोक लग रही है।
रात्रिकालीन प्रवर्तन के लिए उप जिलाधिकारी, नायब तहसीलदार, खनन अधिकारी तथा एआरटीओ को रात में निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस सघन अभियान का असर जनवरी 2026 में साफ दिखाई दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस माह अब तक लगभग 80 वाहनों से 66 लाख रुपये की धनराशि राजस्व के रूप में जमा कराई जा चुकी है।
डिजिटल व्यवस्था को अभियान का अहम आधार बनाया गया है। एम-चेक एप के माध्यम से मौके पर ही नोटिस और चालान जारी कर त्वरित वसूली की जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच एम-चेक एप से 256 वाहनों से करीब 1.15 करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराई गई। इसके अतिरिक्त, उपखनिज (साधारण मिट्टी) के अवैध खनन के 13 प्रकरणों में 33.44 लाख रुपये की वसूली की गई है।
अवैध परिवहन के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर भी कदम उठाए गए हैं। निवाड़ा स्थित चेक पोस्ट और एम-चेक एप से निर्गत नोटिसों में निहित धनराशि की वसूली के लिए हरियाणा राज्य के 10 जनपदों के साथ ऑनलाइन बैठक की गई। इसके बाद संबंधित परिवहन अधिकारियों द्वारा 408 वाहनों की ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई की गई। इस प्रक्रिया के तहत 38 वाहन चालकों द्वारा लगभग 16 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई गई है।
जनपद और तहसील स्तर पर गठित टास्क फोर्स अवैध उपखनिज परिवहन के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। विभिन्न थानों में टास्क फोर्स द्वारा निरुद्ध 93 वाहनों से 40.11 लाख रुपये की धनराशि जमा कराई गई है। प्रशासन का कहना है कि यह बहु-स्तरीय व्यवस्था अवैध खनन और परिवहन पर स्थायी अंकुश लगाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वैध खनन और परिवहन करने वालों को नियमों के तहत किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी, लेकिन उल्लंघन करने वालों पर वाहन निरुद्धीकरण, आर्थिक दंड और वैधानिक कार्रवाई तय है। उन्होंने दोहराया कि बिना रॉयल्टी कोई वाहन नहीं चलेगा।
अवैध उपखनिज परिवहन से न केवल राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि सड़क सुरक्षा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी कारण निगरानी को निरंतर और व्यापक बनाया गया है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल स्वयं इस पूरी व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर रही हैं और अधिकारियों को सख्ती के साथ पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बिना रॉयल्टी उपखनिज परिवहन या अवैध खनन की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सूचना विभाग बागपत