Spread the love

👇

कुछ ही घंटों में लॉन्च होगा इसरो का ‘बाहुबली’ एलवीएम-3, बदल जाएगा मोबाइल नेटवर्क का स्वरूप; बेहद खास है मिशन

1 ISRO आज श्रीहरिकोटा से कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च करेगा, अंतरिक्ष से स्मार्टफोन से कॉल हो सकेगी; आधे फुटबॉल मैदान बराबर एंटीना होगा

2 भारत ने आकाश-NG मिसाइल सिस्टम का सफल टेस्ट किया, अलग-अलग दूरी और ऊंचाई पर मौजूद लक्ष्यों को निशाना बनाया; यह पूरी तरह स्वदेशी

3 गडकरी बोले- देश में हिंदू-मुस्लिम समस्या की कांग्रेस जिम्मेदार, सेक्युलरिज्म की गलत व्याख्या की; इसका अर्थ धर्मनिरपेक्षता नहीं, सर्व धर्म समभाव है

4 SIR-MP में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27 लाख नाम कटे, केरल में 24 लाख नाम हटे; पहले 7 राज्यों से 2.70 करोड़ नाम कटे थे

5 खेती के व्यस्त मौसम में मजदूरों की कमी को दूर करेगा VB-G RAM G कानून, बोले शिवराज सिंह चौहान

6 कांग्रेस नेताओं को नहीं पता कि आलू जमीन के नीचे उगते हैं या ऊपर, जी राम जी पर शिवराज सिंह चौहान

7 ‘प्रवासियों की संख्या और बढ़ी तो असम बन जाएगा बांग्लादेश का हिस्सा’, सीएम हिमंता सरमा ने जताई चिंता

8 LG बोले– दिल्ली में प्रदूषण के लिए AAP जिम्मेदार, खराब हवा 11 साल की लापरवाही का नतीजा, केजरीवाल ने मेरा नंबर ब्लॉक किया

9 भारत-बांग्लादेश के बीच तनाव और गहराया, हफ्ते भर में दूसरी बार बांग्लादेशी उच्चायुक्त तलब

10 यूपी में पिज्जा-बर्गर खाने से 11वीं की छात्रा की मौत, AIIMS के डॉक्टर बोले-आंतें खराब हो गईं, ऑपरेशन के बाद भी बच नहीं पाई

11 नहीं रहे प्रसिद्ध साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल,89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस,PM मोदी ने जताया दुख

12 भारत ने श्रीलंका को सात विकेट से हराया, शेफाली का पचासा; सीरीज में 2-0 की बढ़त ली

13 अगले कुछ दिनों में बदलने वाला है मौसम, कई राज्यों में शीतलहर की चेतावनी; कोहरे का दिखेगा कहर
=============================

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अंकित बालियान की दोना फैक्ट्री है। अंकित बालियान ने अपनी इस फैक्ट्री में बीते दो वर्षों 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा हुआ था। अंकित बालियान इन मजदूरों को बुरी तरह टॉर्चर करता था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इन मजदूरों को आज़ाद कराया है। जानकारी के मुताबिक़ अंकित ने फैक्ट्री में पिटबुल डॉग खुले छोड़े हुए थे। पिटबुल्स के डर से कोई भी मजदूर बंधन से निकलने की हिम्मत नही कर पाता था। अंकित ने मजदूरों पर कैसा-कैसा जुल्म किया है, इसकी गवाही मजदूरों के शरीर पर पड़े चोट के निशान दे रहे हैं। किसी के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे तो किसी को पीट-पीटकर हाथ-पांव सुजा दिये गये थे।

sbobet88

×