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कई बार तो लगता है देश को आजाद करने के लिए राजगुरु सुखदेव भगत सिंह और न जाने कितने देश भक्तों ने हंसते-हंसते देश के लिए देश को आजाद करने के लिए फांसी के तख्ते पर झूल गए या अन्य प्रकार से शहीद हो गए

और पीछे छोड़ के चालक स्वार्थी मतलबी मौका परस्त लोगों को, कुछ लोग तो देश में 95 साल से देश की सत्ता पर कब्जा जमाई रखने का सपना सजाए हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे जो आज देश देश के लोगों को कुछ भी नहीं समझते मेरे अपने विचार है किसी और के नहीं देश के लोगों का हक अधिकार छीना बस इनकी फितरत में कूट-कूट कर भरा है बात तो बहुत सारी है लेकिन क्या लिखें चुप रहना ही आज के दौर में ज्यादा से ही है सोचा था कांग्रेस ने देश में कुछ नहीं किया किसी और को मौका देना चाहिए क्या पता था वह उनके भी परदादा निकलेंगे
अपना कर्तव्य हर कोई भूल गया देश के चारों स्तंभ हो या हो देश की सरकार सभी अपना कर्तव्य भूल गए चाहे दर से चाहे लालच से या अन्य किसी और प्रकार से सभी अपना कर्तव्य भूल गए
जय हिंद

निवेदक
सुभाष चंद कश्यप 9837749557 23 नवंबर 2025

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अंकित बालियान की दोना फैक्ट्री है। अंकित बालियान ने अपनी इस फैक्ट्री में बीते दो वर्षों 13 मजदूरों को बंधक बनाकर रखा हुआ था। अंकित बालियान इन मजदूरों को बुरी तरह टॉर्चर करता था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने इन मजदूरों को आज़ाद कराया है। जानकारी के मुताबिक़ अंकित ने फैक्ट्री में पिटबुल डॉग खुले छोड़े हुए थे। पिटबुल्स के डर से कोई भी मजदूर बंधन से निकलने की हिम्मत नही कर पाता था। अंकित ने मजदूरों पर कैसा-कैसा जुल्म किया है, इसकी गवाही मजदूरों के शरीर पर पड़े चोट के निशान दे रहे हैं। किसी के शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे तो किसी को पीट-पीटकर हाथ-पांव सुजा दिये गये थे।

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