पेराई सत्र से पहले तौल, गन्ना आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने सहित विभिन्न बिंदुओं पर हुआ मंथन
बागपत, 20 अगस्त 2026 — रमाला सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड की वार्षिक सामान्य निकाय बैठक आज मिल परिसर में आयोजित हुई। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए मिल की कार्यप्रणाली, किसानों से जुड़े विषयों और आगामी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मिल को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और किसान हितैषी ढंग से संचालित करने से जुड़े पहलुओं पर मंथन किया गया।
रमाला सहकारी चीनी मिल बागपत के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में मिल की कार्यक्षमता सीधे तौर पर किसानों की गन्ना आपूर्ति, तौल, भुगतान और आगामी फसल की तैयारी से जुड़ी है। बैठक में इस बात पर जोर रहा कि किसानों को गन्ना आपूर्ति के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और मिल की सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से दुरुस्त रखी जाएं। गन्ना पर्ची जारी होने से लेकर तौल और भुगतान तक पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में मिल के पिछले कार्यकाल की गतिविधियों, वित्तीय स्थिति, गन्ना खरीद एवं भुगतान, उत्पादन, रखरखाव, आगामी पेराई सत्र की तैयारियों और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने निर्देश दिए कि मिल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाए तथा सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर किया जाए। वहीं किसानों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए।
गन्ना किसानों के लिए समय पर भुगतान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल है। मिल को अपनी खरीद और भुगतान व्यवस्था में वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के साथ यह सुनिश्चित करना होता है कि किसानों को उनके गन्ने का मूल्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर मिल सके। बागपत प्रशासन पूर्व में भी जिले की चीनी मिलों के गन्ना भुगतान की समीक्षा करता रहा है। बैठक में रमाला मिल से संबंधित भुगतान की स्थिति भी प्रशासनिक समीक्षा का विषय रही।
बैठक में तौल व्यवस्था को भी किसान सुविधा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा गया। गन्ना तौल केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्था, सही तौल, वे-ब्रिज की कार्यशीलता और किसानों को अनावश्यक इंतजार से बचाना पेराई सत्र के दौरान बड़ी चुनौती रहती है। रमाला मिल के इतिहास में तौल केंद्रों की संख्या बढ़ाने और गन्ना आपूर्ति क्षेत्र को विस्तार देने के प्रयास पहले भी किए जा चुके हैं।
वार्षिक बैठक में मशीनरी की क्षमता के साथ गन्ना यार्ड, तौल कांटे, प्रयोगशाला, मिल हाउस, बॉयलर, टर्बाइन और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के रखरखाव के निर्देश दिए ताकि सत्र शुरू होने के बाद तकनीकी खराबी या अन्य अव्यवस्था के कारण किसानों को गन्ना लेकर लंबा इंतजार न करना पड़े।
आगामी पेराई सत्र के मद्देनजर मिल के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी पर्याप्त गन्ना उपलब्धता के साथ निर्बाध पेराई सुनिश्चित करने की रहती है। इसके लिए मशीनरी की मरम्मत और परीक्षण, तौल केंद्रों की व्यवस्था, गन्ना परिवहन, श्रमिकों की उपलब्धता, मिल परिसर की साफ-सफाई और किसानों के लिए आवश्यक सुविधाओं को पहले से व्यवस्थित करना करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान हित को प्राथमिकता देने, मिल की व्यवस्थाओं को मजबूत करने और संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर रहा।
इस अवसर पर एसडीएम बीके सिंह, रमाला मिल प्रबंधक गोविंद मौर्या, रमाला मील उपसभापति जयदेव सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
सूचना विभाग बागपत