Spread the love

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारी-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने खूब पूछे सवाल, कैरियर के लिए मिला मार्गदर्शन

अब हर विद्यालय में अफसर संवारेंगे बच्चों का कल: जीजीआईसी बावली से हुई अधिकारी-विद्यार्थी संवाद की भव्य शुरुआत

बागपत दिनांक 20 अगस्त 2026 — कैरियर को लेकर मन में सवाल हों, भविष्य को लेकर दुविधा हो और सामने जिले की जिलाधिकारी हों, तो संवाद निश्चित रूप से खास बन जाता है। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, बावली में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित अधिकारी-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने छात्राओं से सीधे संवाद किया और जीवन व कैरियर में सफलता के लिए जरूरी बातों को साझा किया। छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं और सवाल रखे, जिनका उन्होंने मार्गदर्शन के साथ जवाब दिया। कार्यक्रम की खासियत यह रही कि इसे लंबे भाषण तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों के साथ सीधे और प्रश्नोत्तर आधारित संवाद के रूप में आयोजित किया गया। छात्राओं को अपनी जिज्ञासा, समस्या और कैरियर से जुड़े सवाल अधिकारी के सामने रखने का अवसर मिला।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने छात्राओं से कहा कि सफलता के लिए सबसे पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वे जीवन में क्या हासिल करना चाहती हैं। लक्ष्य तय करने के बाद उसके लिए नियमित तैयारी और अनुशासन जरूरी है। उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमता और रुचि को पहचानने तथा उसी के अनुरूप आगे की राह चुनने के लिए प्रेरित किया। पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानकर आगे बढ़ने की बात कही। बात केवल किताबों और परीक्षा तक नहीं रुकी। छात्राओं ने अपने भविष्य को लेकर अलग-अलग सवाल सामने रखे और जिलाधिकारी ने उन्हें व्यावहारिक तरीके से समझाया कि कैरियर का चुनाव जल्दबाजी में नहीं, बल्कि अपनी रुचि, क्षमता और लक्ष्य को ध्यान में रखकर करना चाहिए। उन्होंने पढ़ाई के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने, समय प्रबंधन पर ध्यान देने और निरंतर प्रयास करते रहने को सफलता के लिए जरूरी बताया।

संवाद के दौरान छात्राओं में भी खास उत्साह दिखाई दिया। सामने बैठे अधिकारी से सीधे सवाल पूछने का अवसर मिला तो कई छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं। बातचीत का अंदाज ऐसा रहा कि छात्राएं बिना झिझक अपनी बात रखती नजर आईं। सवालों के जवाब के साथ उन्हें यह भरोसा भी मिला कि बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए शुरुआत छोटे और नियमित प्रयासों से ही होती है। जिलाधिकारी ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई को लेकर भी दिशा दिखाई। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों के सामने आगे बढ़ने के कई अवसर हैं। जरूरत है सही विकल्प को पहचानने और उसके लिए योजनाबद्ध ढंग से तैयारी करने की। छात्राओं को मेहनत के साथ अपने व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

बातचीत में जीवन की चुनौतियों का भी जिक्र आया। जिलाधिकारी ने छात्राओं को असफलता से निराश न होने और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने समझाया कि किसी परीक्षा या प्रयास में सफलता न मिलना अंतिम मंजिल नहीं है। उससे सीख लेकर दोबारा कोशिश करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। छात्राओं को तनाव से बचते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। डिजिटल दौर में सावधानी को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के साथ अपने निजी जीवन और भविष्य को लेकर सजग रहने की जरूरत बताई गई। छात्राओं को यह संदेश भी मिला कि तकनीक का इस्तेमाल सुविधा और ज्ञान के लिए करें, लेकिन उसकी आदत या गलत उपयोग को अपने लक्ष्य के रास्ते में बाधा न बनने दें।

संवाद के बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने पौधा रोपा और छात्राओं ने भी इसमें सहभागिता की। हरे-भरे परिसर में पौधारोपण के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के बाद छात्राओं के चेहरों पर उत्साह नजर आया। किसी के लिए डीएम से सीधे सवाल पूछने का अनुभव खास रहा तो किसी को अपने कैरियर को लेकर नई दिशा मिली। विद्यालय में हुआ यह संवाद छात्राओं के लिए अपने सपनों को गंभीरता से लेने और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत शुरू करने की प्रेरणा दे गया।

जानिए अधिकारी-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम के बारें में:

अधिकारी-विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम का असली उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को करियर की जानकारी देना नहीं, बल्कि अफसर और विद्यार्थी के बीच की दूरी खत्म कर बच्चों के भविष्य की राह को अनुभव, संवाद और सही मार्गदर्शन से मजबूत करना है। जीजीआईसी बावली से शुरू हुआ अधिकारी-विद्यार्थी संवाद इसी बड़ी सोच की पहली कड़ी है, जिसके तहत अब बागपत के हर इंटरमीडिएट विद्यालय में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अधिकारियों से सीधे बातचीत का अवसर मिलेगा। यानी जिस सवाल का जवाब विद्यार्थी किताबों में नहीं खोज पा रहे, जिस करियर को लेकर असमंजस है, जिस प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की दिशा स्पष्ट नहीं है या जीवन की किसी चुनौती को लेकर मन में उलझन है—उसे सीधे अनुभवी अधिकारी के सामने रखने का मंच मिलेगा।

इस पहल में “अधिकारी बोले, बच्चे सुनें” की पुरानी परंपरा के बजाय “बच्चे पूछें, अधिकारी अपने अनुभव से राह दिखाएं” की नई सोच को केंद्र बनाया गया है। करियर नियोजन, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप से लेकर समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, असफलता से सीखने, तनाव प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, नागरिक कर्तव्य और राष्ट्र निर्माण तक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को इसका हिस्सा बनाया गया है। सबसे अहम बात यह है कि यह पहल एक दिन के भाषण पर खत्म नहीं होगी—विद्यार्थियों के सवाल पहले से जुटाने, संवाद के बाद फीडबैक लेने और सामने आई समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की व्यवस्था भी की गई है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव, माध्यमिक शिक्षा जिला समन्वयक डॉ सत्यवीर सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

#शास्त्रों_और_ऋषि_मुनियों की सुंदर खोज…. #मघा_नक्षत्र का वर्षाजल सूर्य का प्रवेश मघा नक्षत्र magha nakshatra में हो, और मघा नक्षत्र magha nakshatra वर्षा हो तो वह वर्षा का पानी तोला सोना है । जैसे सोना एक तोला कितना किमती होता है ऐसा ! उसको भर के रख दो बस 2-2 बूंद आँखों में डालो । आंखों की सभी बीमारियों में लाभदायी है। मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी पीने में आए तो बच्चों के पेट की कृमि की समस्या गायब हो जाएगी और बच्चे हृष्टता पुष्टता आएगी। magha nakshatra मघा नक्षत्र का पानी पीने में काम लाओ, भोजन आदि बनाओ तो बहुत-बहुत फायदा होगा । औषधियों का सार-सार है मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी। Magha nakshatra मघा नक्षत्र के पानी की महीमा बहुत बड़ी, लंबी-चौड़ी है । अब मघा नक्षत्र magha nakshatra के पानी को इकट्ठा करने के लिए 17/08/2026 से 31/08/2026 तक मघा नक्षत्र magha nakshatra के 16 दिनों में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के बर्तन हो। 17 अगस्त से 31 अगस्त तक का जो पानी है उसे संग्रहित करो। इन 16 दिनों में जब भी बारिश हो, जितना हो सके मघा नक्षत्र के magha nakshatra बारिश का पानी इकट्ठा कर लें । इन 16 दिनों में खुले मैदान में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के पात्र इस प्रकार रखें कि वर्षा का जल सीधे हमारे द्वारा रखे गए पात्रों में भर जाए । 12 महिने मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी पड़ा रहे , कुछ नहीं होता जैसे गंगाजल। मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी गंगा जल माना जाता है। 17 अगस्त से 31 अगस्त तक मघा नक्षत्र magha nakshatra का जो पानी है उसे संग्रहित करो । बड़ा कीमती काम करेगा । और उसके लिए तो बोलते है माँ का परोसा तृप्ति देता है। माँ जब बच्चे को अच्छी तरह से परोसती है तो वह बच्चे को तृप्ति देता है । ऐसे ही मघा नक्षत्र magha nakshatra की वर्षा का जल धरती माँ और जीवन को तृप्त करता है । मघा के बरसे, माता के परसे । जैसे माता परोसती है, ऐसे ही मघा नक्षत्र magha nakshatra का जल तृप्त करता है लोगों को। इसका फायदा उठाओ । पड़ोसी को भी बताओ । बिना औषधि के घर के लोग तंदुरुस्त रहे । ऐसा कीमती है मघा नक्षत्र magha nakshatra के दिनों की वर्षा का पानी ! मघा बरसा, सोना बरसा।

#शास्त्रों_और_ऋषि_मुनियों की सुंदर खोज…. #मघा_नक्षत्र का वर्षाजल सूर्य का प्रवेश मघा नक्षत्र magha nakshatra में हो, और मघा नक्षत्र magha nakshatra वर्षा हो तो वह वर्षा का पानी तोला सोना है । जैसे सोना एक तोला कितना किमती होता है ऐसा ! उसको भर के रख दो बस 2-2 बूंद आँखों में डालो । आंखों की सभी बीमारियों में लाभदायी है। मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी पीने में आए तो बच्चों के पेट की कृमि की समस्या गायब हो जाएगी और बच्चे हृष्टता पुष्टता आएगी। magha nakshatra मघा नक्षत्र का पानी पीने में काम लाओ, भोजन आदि बनाओ तो बहुत-बहुत फायदा होगा । औषधियों का सार-सार है मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी। Magha nakshatra मघा नक्षत्र के पानी की महीमा बहुत बड़ी, लंबी-चौड़ी है । अब मघा नक्षत्र magha nakshatra के पानी को इकट्ठा करने के लिए 17/08/2026 से 31/08/2026 तक मघा नक्षत्र magha nakshatra के 16 दिनों में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के बर्तन हो। 17 अगस्त से 31 अगस्त तक का जो पानी है उसे संग्रहित करो। इन 16 दिनों में जब भी बारिश हो, जितना हो सके मघा नक्षत्र के magha nakshatra बारिश का पानी इकट्ठा कर लें । इन 16 दिनों में खुले मैदान में ताँबा, पीतल, काँसा या स्टील के पात्र इस प्रकार रखें कि वर्षा का जल सीधे हमारे द्वारा रखे गए पात्रों में भर जाए । 12 महिने मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी पड़ा रहे , कुछ नहीं होता जैसे गंगाजल। मघा नक्षत्र magha nakshatra का पानी गंगा जल माना जाता है। 17 अगस्त से 31 अगस्त तक मघा नक्षत्र magha nakshatra का जो पानी है उसे संग्रहित करो । बड़ा कीमती काम करेगा । और उसके लिए तो बोलते है माँ का परोसा तृप्ति देता है। माँ जब बच्चे को अच्छी तरह से परोसती है तो वह बच्चे को तृप्ति देता है । ऐसे ही मघा नक्षत्र magha nakshatra की वर्षा का जल धरती माँ और जीवन को तृप्त करता है । मघा के बरसे, माता के परसे । जैसे माता परोसती है, ऐसे ही मघा नक्षत्र magha nakshatra का जल तृप्त करता है लोगों को। इसका फायदा उठाओ । पड़ोसी को भी बताओ । बिना औषधि के घर के लोग तंदुरुस्त रहे । ऐसा कीमती है मघा नक्षत्र magha nakshatra के दिनों की वर्षा का पानी ! मघा बरसा, सोना बरसा।

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×