Spread the love

सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन उमड़ा उत्साह

एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं

ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई

विभिन्न मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर रही जबरदस्त भीड़

योगी सरकार की पहल से बढ़ा स्टार्टअप्स का मनोबल

ग्रेटर नोएडा, 26 सितम्बर।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2025) में आयोजित सीएम युवा कॉनक्लेव के दूसरे दिन युवाओं की भारी भीड़ देखी गई। हजारों छात्र-छात्राओं ने स्टॉल्स का भ्रमण कर नए बिजनेस आइडियाज और इनोवेटिव उद्यमों की जानकारी प्राप्त की।

2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी
फिरोजाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, मैनपुरी और मथुरा से आए 700 से अधिक छात्रों समेत एनसीआर के करीब 1500 युवाओं ने प्रदर्शनी विजिट की।
समस्त स्टॉल्स पर युवाओं द्वारा 2000 से अधिक बिजनेस इन्क्वायरी की गईं। खास तौर पर ओसियान इंटरप्राइजेज के कॉरपोरेट गिफ्टिंग स्टॉल पर 125 से अधिक युवाओं ने गहरी रुचि दिखाई। वहीं, क्यूटीएम, ग्रिप इंटरनेशनल, प्रॉस्पर ग्रुप और कोशिश सस्टेनेबल साल्यूशन्स के मशीनरी सप्लायर स्टॉल्स पर भी जबरदस्त भीड़ रही।

स्टार्टअप्स और फूड ब्रांड्स का आकर्षण
कॉनक्लेव के दौरान 20 से अधिक बी टू बी मीटिंग्स सम्पन्न हुईं। इसके साथ ही डॉ. गैराज, मिस्टर सैंडविच, धोबीलाइट, अर्द्धसैनिक कैंटीन और अमूल इंडिया जैसे स्टार्टअप्स व ब्रांड्स ने छात्रों को अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। विषय विशेषज्ञों ने भी उद्यमिता और स्टार्टअप स्थापना पर विस्तृत जानकारी देकर युवाओं का मार्गदर्शन किया।

योगी सरकार की पहल से बढ़ा आत्मविश्वास
सीएम युवा कॉनक्लेव ने स्पष्ट कर दिया कि योगी सरकार की नीतियां और UPITS-2025 जैसे प्लेटफॉर्म न केवल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं बल्कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। यह आयोजन प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

sbobet88

×