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पिछले दो दिनों से ग्रेटर नोएडा के Zudio मॉल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर घूम रहा है। वीडियो में एक महिला—देवी—जोर-जोर से कहती दिखती हैं कि उनकी तरफ से किसी शख्स ने उनका पीछा किया और मॉल में आते ही उसे पीटा। देवी का दावा है कि वह अपने पति से अलग रह रही हैं और डिवोर्स का केस कोर्ट में चल रहा है। लेकिन जो सबसे हैरान करने वाला है, वह यह कि देवी ने बताया कि उसी मॉल में मौजूद एक अजनबी लड़के ने उन्हें बचाया — और फिर उसी लड़के पर आरोप लगा दिए गए। स्काउटिंग गाइडिंग कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रीय चरित्र एवं राष्ट्रवाद की भावना के संचार को प्रोत्साहित कर आदर्श नागरिक निर्माण हेतु विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जाए- प्रोफेसर सचिन महेश्वरी स्काउटिंग गाइडिंग कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रीय चरित्र एवं राष्ट्रवाद की भावना के संचार को प्रोत्साहित कर आदर्श नागरिक निर्माण ने पर बल दिया जाए-प्रोफेसर सचिन महेश्वरी,कुलपति-गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद। क्या हमारी रोजमर्रा की आदतें भी जलवायु संकट को बढ़ाती हैं? 18 देशों के 10,755 लोगों तक पहुंचा एक भारतीय युवा अभियान कश्यप समाज कैसे नशा मुक्त, शिक्षित एवं एकजुट होकर अपनी राजनैतिक हिस्सेदारी प्राप्त करे

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आज यानी बुधवार को सेकेंड फेज की वोटिंग है. वोटिंग से पहले ही पश्चिम बंगाल की चुनावी लड़ाई में एक नाटकीय मोड़ आया है. जी हां, पश्चिम बंगाल पर आधी रात को सुप्रीम कोर्ट में हलचल हुई है.आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को बंगाल से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. इस याचिका में यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को बंगाल में ‘पुलिस ऑब्ज़र्वर’ के पद से तुरंत हटाने की मांग की गई है.

पश्चिम बंगाल में फाइल फेज की वोटिंग से ठीक पहले याचिकाकर्ता ने मंगलवार देर रात यह रिट याचिका (सिविल) ई-फाइल की. यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देती…

1970 के दशक में पश्चिम बंगाल की छात्र राजनीति में एक लड़की ने कदम रखा। चेहरा साधारण, मगर इरादे बेहद मजबूत। यह थीं ममता बनर्जी। 1975 में नेशनल लेवल के लीडर जय प्रकाश नारायण का विरोध करते हुए ममता ने जब उनकी कार की बोनट पर चढ़कर डांस किया तो वो राष्ट्रीय सुर्खियों में छा गईं। ये वही जेपी थे, जिनसे खुद इंदिरा गांधी भी बात करने में कई बार सोचती थीं। इसी दौर में वह कांग्रेस में शामिल हुईं। मगर, उनके राजनीतिक सफर में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्होंने 10 बार लोकसभा चुनाव जीतने वाले दिग्गज माकपा नेता सोमनाथ चटर्जी को जादवपुर सीट से हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया। यहीं से ममता के बड़े राजनीतिक कदम की शुरुआत हो गई। इसके बाद से ममता ने फिर मुड़कर नहीं देखा। ये वही जादवपुर सीट है, जहां से मौजूदा टीएमसी की सयानी घोष भी सांसद हैं और तृणमूल की स्टार प्रचारक भी हैं, जो पश्चिम बंगाल चुनावों में ममता बनर्जी जैसी साड़ी और चप्पल पहनकर अपने बेबाक भाषणों से छाई हुई हैं।

ममता सी सीरत और सयानी सी सूरत वाली 33 साल की घोष आज ममता बनर्जी से उम्र में करीब-करीब आधी हैं। सयानी भी ममता की तरह सफेद साड़ी और पैरों…

“सामाजिक समरसता सशक्त भारत की नीव है।”-बाबा प्रवीणानंद जी महाराज

“सामाजिक समरसता सशक्त भारत की नीव है” – यह कथन न केवल एक आदर्श वाक्य है, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है। एक…

📰 बड़ी खबर: 8वें वेतन आयोग (8th CPC) और JCM के बीच पहली ऐतिहासिक बैठक संपन्न!नई दिल्ली | 29 अप्रैल, 2026 केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर निकलकर सामने आ रही है। NC-JCM (Staff Side) की स्टैंडिंग कमेटी और 8वें वेतन आयोग के बीच पहली औपचारिक बैठक कल, 28 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई।इस बैठक में श्री शिव गोपाल मिश्रा (सचिव, NC-JCM) के नेतृत्व में कर्मचारी पक्ष ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी प्रमुख मांगों का चार्टर रखा है।🚀 बैठक की मुख्य बातें और बड़ी मांगें:💰 न्यूनतम वेतन ₹69,000: कर्मचारी पक्ष ने मांग की है कि वर्तमान न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 किया जाए। इसके लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है।📈 सालाना इंक्रीमेंट 6%: वेतन वृद्धि की रफ्तार बढ़ाने के लिए मौजूदा 3% के बजाय 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की गई है।🏥 भत्तों (Allowances) में 3 गुना वृद्धि: HRA, CEA और रिस्क अलाउंस जैसे सभी भत्तों में 3 गुना बढ़ोतरी की मांग रखी गई है, जिसे महंगाई भत्ते (DA) के साथ जोड़ा जाएगा।🛡️ पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली: NPS और UPS को पूरी तरह वापस लेकर Non-Contributory Pension Scheme (पुरानी पेंशन) को बहाल करने पर कड़ा रुख अपनाया गया है।🎖️ प्रमोशन और ACP: 30 साल की सेवा के दौरान कम से कम 5 प्रमोशन की गारंटी या समयबद्ध पदोन्नति की मांग की गई है।📋 अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव:रिटायरमेंट पर लाभ: EL (अर्जित अवकाश) के नकदीकरण (Encashment) की सीमा को बढ़ाकर 600 दिन करने का प्रस्ताव।नई छुट्टियां: महिलाओं के लिए मेन्स्ट्रुअल लीव और पुरुषों के लिए पैटर्निटी लीव के साथ-साथ विशेष सर्जरी के लिए भी छुट्टियों की मांग।पेंशनभोगियों के लिए OROP: सिविलियन कर्मचारियों के लिए भी One Rank One Pension की तर्ज पर पेंशन संशोधन की मांग।अनुकंपा नियुक्ति: 5% की सीलिंग (सीमा) को हटाकर इसे 100% करने की मांग।⚖️ आयोग का रुख: बैठक की अध्यक्षता कर रहीं माननीय जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने कर्मचारी पक्ष की बातों को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि आयोग विभिन्न विभागों का दौरा करेगा और जमीनी हकीकत को जानकर ही अपनी सिफारिशें देगा। साथ ही, मेमोरेंडम जमा करने की तारीख को 31 मई 2026 तक बढ़ाने के संकेत भी दिए गए हैं।निष्कर्ष: यह बैठक भविष्य के वेतन ढांचे की नींव है। 45 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी अब एक बेहतर और सम्मानजनक वेतन वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।

सिख धर्म हिन्दू धर्म का अंग नहीं है!!:- गिआनी दित्त सिंघ

💎💎 महानायक गिआनी दित्त सिंघ का सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक योगदान यह था कि सिख धर्म एक स्वतंत्र, विशिष्ट और पूर्ण धार्मिक परंपरा है—इसे “हिन्दू धर्म का अंग” मानना ऐतिहासिक और…

गर्व से कहो हम हिन्दू हैं कहने वाले शूद्रों ! Viral

केवल एक फायदा बता दो हिन्दुत्व पर गर्व करने से 85% वाले शूद्र समाज को मिला हो या मिलने की संभावना हो ?हिन्दू धर्म तुम्हारे द्वार पर बँधी उस गाय…

रामायण व महाभारत के रचयिता क्रमशः वाल्मीकि और व्यास ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वे जो कहानियां लिख रहे हैं भविष्य में उनके वंशज उन्हें वास्तविक इतिहास के रूप में स्थापित कर देंगे और शूद्र शिक्षित होकर भी हमारे द्वारा कल्पित पात्रों की पूजा अर्चना करेंगे ।मजे की बात यह है कि वाल्मीकि और व्यास ने कभी खुद को इतिहास कार होने का दावा भी नहीं किया ।मनगढ़ंत कहानियों और इतिहास में फर्क करना शूद्र समाज कब सीखेगा ?परशुराम जैसा पात्र जो सतयुग में अपने फरसे से गणेश का एक दाँत तोड़कर एकदंत बना देता है त्रेता की कहानी रामायण में भी जनक के यहाँ रखी उसके गुरु शंकर की धनुष टूटने पर जनक सहित राम लक्ष्मण और अन्य राजाओं को धमकाता है एवं पृथ्वी को इक्कीस बार क्षत्रिय विहीन करने की डींग हाँकता है और उस समय भी वही अपना प्रिय हथियार फरसा लहराता है।कथित द्वापर युग की कहानी महाभारत में भी वही पात्र उसी परशुराम नाम से कौरवों पांडवों के दादा भीष्म और सूर्य पुत्र कर्ण को भी धनुवर्विद्या सिखाता है ।उसी परशुराम को ब्राह्मण भगवान का अवतार बताकर भगवान परशुराम कहते हैं और जयंती भी मनाते हैं ।विचारणीय प्रश्न यह है कि जब भगवान का एक अवतार सतयुग से ही मौजूद था तो त्रेता और द्वापर में क्रमशः राम और कृष्ण के रूप में राक्षसों का वध करने के लिए अवतार लेने की आवश्यकता ही क्या थी ?कहानियों में राम, कृष्ण आदि कथित अवतारों को पैदा होना और इंसान की तरह ही मरना बताया गया है किन्तु परशुराम तीनों युगों में एक योद्धा के रूप में ही जीवित रहता है जबकि एक एक युग को हजारों लाखों साल का बताया गया है ।लोहे का आविष्कार अभी चार हजार साल पहले हुआ तो परशुराम को सतयुग, त्रेता, द्वापर में लोहा कहाँ से मिला फरसा बनवाने को ?इससे यही सिद्ध होता है किरामायण महाभारत सभी ब्राह्मणों द्वारा लिखीकाल्पनिक कहानियां हैं वास्तविक इतिहास नहीं इस अकाट्य सत्य को शूद्र समाज जितनी जल्दी समझ ले और इन गप्प ग्रंथों के मकड़जाल से खुद को मुक्त कर ले उतना ही देश ,समाज और भावी पीढ़ियों के हित में होगा ।शूद्र समाज यानी एससी एसटी ओबीसी वर्ग की संख्या 85% होते हुए भी भारत का शासक नहीं 15% सवर्णों द्वारा शासित वर्ग है उसका मुख्य कारण ही यही है कि शूद्र समाज ब्राह्मणों के विराट प्रचार तंत्र का शिकार होकर ब्राह्मणों द्वारा लिखे झूठे व काल्पनिक इतिहास को धर्म मानकर सीने से चिपकाये हुए है ,और शूद्रों के मान सम्मान और मानवीय अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करनेवाले अपने समता वादी, मानवतावादी वैज्ञानिक विचारधारा वाले महापुरुषों के त्यागमयी और संघर्ष पूर्ण सच्चे इतिहास से अनभिज्ञ है या यों कहें कि शिक्षा व्यवस्था और अन्य सभी प्रचार माध्यमों पर ब्राह्मणों का कब्जा होने के कारण मानवता वादी महापुरुषों के बारे में शूद्रों को जानने ही नहीं दिया।

यह सब अनायास नहीं ब्राह्मण शाही को कायम रखने के लिए सोच समझकर षडयंत्र पूर्वक किया जा रहा है इस षडयंत्र को शूद्र समाज को समझने और अपने समता वादी…

आँचल के नेतृत्व में रेतवा में निःशुल्क मोस्ट पाठशाला का हुआ उद्घाटन

समाज की उन्नति के लिए सर्वाधिक जोर बुनियादी शिक्षा पर दिया जाना चाहिए : श्यामलाल सुलतानपुर। बीते मंगलवार को देर सायं विकास खण्ड पी.पी. कमैचा के साढ़ापुर (रेतवा) में निःशुल्क…

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