आजकल की कुछ पत्नियों के ड्रामे, मां-बाप डांटे तो बड़े हैं, और सास ससुर डांटे तो पीछे पड़े हैं। पिता के घर मेहमान आए तो भगवान है, और पति के घर मेहमान आए तो शैतान है। पिता डिमांड ना पूरी करे तो मजबूरी थी, पति ना पूरी कर पाए तो शादी क्या जरूरी थी। मायके की बातें किसी को नहीं बताती, और ससुराल की बातें किसी से नहीं छुपाती। भाई धमका दे तो लाड-प्यार है, और देवर-जेठ कुछ कह दे तो बेकार है।
🙏🌹 सुप्रभात 🌹🙏
सुरेन्द्र आर्य कश्यप
9278421710,8810203162
आजकल की कुछ पत्नियों के ड्रामे, मां-बाप डांटे तो बड़े हैं, और सास ससुर डांटे तो पीछे पड़े हैं। पिता के घर मेहमान आए तो भगवान है, और पति के घर मेहमान आए तो शैतान है। पिता डिमांड ना पूरी करे तो मजबूरी थी, पति ना पूरी कर पाए तो शादी क्या जरूरी थी। मायके की बातें किसी को नहीं बताती, और ससुराल की बातें किसी से नहीं छुपाती। भाई धमका दे तो लाड-प्यार है, और देवर-जेठ कुछ कह दे तो बेकार है।
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