Spread the love

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तानाशाही आदेश वापस को लेने की उठी मांग

देश प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी से चीड़ चुकी है।

भाजपा का अपना मूल वाटर कश्यप समाज भी भाजपा से चिढ़ कर भाजपा को छोड़ दूसरी पार्टियों का रुख कर रहा है या फिर अपनी नई पार्टी बना रहा है।

भाजपा अगर सत्ता में वापसी चाहती है तो कश्यप समाज को अनुसूचित जाति आरक्षण में तुरंत शामिल करें।

बागपत कलेक्ट्रेट 26 सितंबर 2025

पूर्व सांसद प्रत्याशी सुभाष चंद कश्यप ने बागपत कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित दो ज्ञापन दिए।

सुभाष चंद कश्यप ने बताया कि दो दिन पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एक तानाशाही आदेश उत्तर प्रदेश की कुछ जनता के लिए सुना दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आदेश दिया है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को छोड़कर कोई भी व्यक्ति जाती आधारित सम्मेलन आदि नहीं कर सकता।

सुभाष चंद कश्यप ने बताया कि अगर जाति की जाति के लोगों की आवाज उठानी पड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी बताए कि हम किस आधार पर किस नाम से उठाए?

सुभाष चंद कश्यप ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ प्रदेश ही नहीं पूरे देश में बेहद नाराजगी है देश प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी शासन भविष्य में देखना नहीं चाहती और साफ दिखाई दे रहा है कि अगली बार भारतीय जनता पार्टी सत्ता में भी नहीं आ रही है उसके बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी जनता को उखाड़ फेंकने के लिए तरह-तरह के तानाशाही आदेश दे देकर भाजपा को खत्म करने का मौका दे रही है। भाजपा की कार्यशैली से जनता बुरी तरीके से परेशान है और चिढ़ चुकी है। अब जनता ने मन बना लिया है कि भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश से ही नहीं पूरे देश से उखाड़ फेंकना है।

भाजपा का अपना मूल वोटर कश्यप समाज भी भाजपा से बेहद नाराज परेशान है और चिढ़ कर भाजपा को छोड़ दूसरी पार्टियों का रुख कर रहा है या फिर अपनी नई पार्टी बना रहा है।

सुभाष चंद कश्यप ने बताया कि अगर भारतीय जनता पार्टी अपनी गलती सुधार ले और कश्यप समाज को बिना देरी के अनुसूचित जाति आरक्षण में शामिल कर ले तो अगली बार भारतीय जनता पार्टी सरकार में आ सकती है। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी का देश प्रदेश में नाम लेवा भी कोई नहीं मिलेगा।

निवेदक
सुभाष चंद कश्यप
पूर्व सांसद प्रत्याशी
बागपत लोकसभा 2014 निर्दलीय 9837749557 दिनांक 26 सितंबर 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×