हरियाणा कश्यप राजपूत सभा केन्द्रीय बोडी ने निर्माण लिया है कि कश्यप समाज के कर्मचारीयों के कल्याण के लिए कर्मचारी सैल का गठन किया जाएगा । जिसका गठन कर्मचारीयों की मीटिंग बुलाकर गठन किया जाएगा जिसमें रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल होंगें । यह कर्मचारी सैल जो समस्या कर्मचारीयों पर होगी उनके समाधान के लिये काम करेगा। मुख्य महासचिव बीरभान आर्य ने कहा कि यह संगठन उत्पीडीत कर्मचारी के लिये काम करेगा। सभा के राज्य प्रधान श्री समे सिंह कश्यप ने कर्मचारी कल्याण सैल गठन करने का समर्थन किया ओर बहुत जल्दी कर्मचारी सैल संगठन गठित कर दिया जाएगा । उन्हें कहा कर्मचारी हमारी रीड की हड्डी हैं । उनका उत्पीड़न हम बर्दास्त नही करेंगे ।

subhashchand4

Bysubhashchand4

Sep 13, 2025
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जय महर्षि कश्यप

संजय कश्यप घोघडियां
प्रदेश प्रवक्ता
हरियाणा कश्यप राजपूत सभा 184/2345
सम्पर्क सूत्र 9253351279

हरियाणा कश्यप राजपूत सभा केन्द्रीय बोडी ने निर्माण लिया है कि कश्यप समाज के कर्मचारीयों के कल्याण के लिए कर्मचारी सैल का गठन किया जाएगा । जिसका गठन कर्मचारीयों की मीटिंग बुलाकर गठन किया जाएगा जिसमें रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल होंगें । यह कर्मचारी सैल जो समस्या कर्मचारीयों पर होगी उनके समाधान के लिये काम करेगा। मुख्य महासचिव बीरभान आर्य ने कहा कि यह संगठन उत्पीडीत कर्मचारी के लिये काम करेगा। सभा के राज्य प्रधान श्री समे सिंह कश्यप ने कर्मचारी कल्याण सैल गठन करने का समर्थन किया ओर बहुत जल्दी कर्मचारी सैल संगठन गठित कर दिया जाएगा । उन्हें कहा कर्मचारी हमारी रीड की हड्डी हैं । उनका उत्पीड़न हम बर्दास्त नही करेंगे ।

जय महर्षि कश्यप

संजय कश्यप घोघडियां
प्रदेश प्रवक्ता
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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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