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हर मंगलवार सभी तहसीलों में लगाए जा रहे अंश निर्धारण कैंप, किसानों को मिल रही सुविधा

बागपत में अंश निर्धारण अभियान में RTK तकनीक का सफल उपयोग, अब अंश निर्धारण प्रक्रिया हुई पारदर्शी

बागपत, दिनांक 12 सितंबर 2025 – बागपत जनपद में किसानों को उनके भूमि अधिकार सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाया गया विशेष अंश निर्धारण अभियान ऐतिहासिक सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भूमि स्वामित्व को स्पष्ट करना, भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुदृढ़ बनाना और किसानों को उनके अंश निर्धारण से संबंधित समस्याओं का त्वरित व पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारी बागपत अस्मिता लाल के निर्देशानुसार जनपद की तीनों तहसीलों बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में हर मंगलवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक विशेष अंश निर्धारण शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में भूमि स्वामित्व प्रमाणीकरण, अवशेष गाटा निर्धारण, RTK सर्वेक्षण आधारित डेटा संग्रह व सत्यापन कार्य एक साथ संपन्न किए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से किसानों को बार-बार तहसील का चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं रहती जिससे समय व श्रम दोनों की बचत हो रही है।

आंकड़ों के अनुसार कुल 317,323 ग्राम गाटा में से 262,505 ग्राम गाटा का अंश निर्धारण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जो कुल का 82.72 प्रतिशत बनता है। बागपत तहसील में कुल 107,160 ग्राम गाटा में से 82,999 का अंश निर्धारण (77.45%) हुआ, बड़ौत तहसील ने 170,863 ग्राम गाटा में से 150,850 का अंश निर्धारण (88.29%) पूरा किया, जबकि खेकड़ा तहसील ने कुल 39,300 ग्राम गाटा में से 28,656 का अंश निर्धारण (72.92%) संपन्न किया।

इस अभियान में RTK GPS तकनीक Real-Time Kinematic Global Positioning System का व्यापक उपयोग किया गया। आरटीके तकनीक की मदद से भूमि के वास्तविक आयाम, सीमांकन व भू-स्थैतिक जानकारी सटीक रूप से मापी जाती है। प्राप्त डेटा को जिओ रेवेन्यू पोर्टल में अपलोड किया गया ताकि सभी कार्य डिजिटल माध्यम से पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपन्न हो सकें। इससे भूमि स्वामित्व प्रमाणीकरण के निर्धारण में त्रुटियों की संभावना समाप्त हो गई है।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जिन ग्राम गाटाओं में अवशेष गाटा की समस्या हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित किया जाए। अभियान के दौरान प्राप्त डेटा का क्रॉस वेरिफिकेशन भूलेख पोर्टल से भी किया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड में पूर्ण समानता बनी रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न हो ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। तहसीलदार व नायब तहसीलदार को न्यायालय में समय देकर मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान से किसानों को अंश निर्धारण से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान शीघ्रता से मिलेगा। आरटीके तकनीक के उपयोग से भूमि रिकॉर्ड की पारदर्शिता, सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। यह कदम भू-राजस्व प्रणाली में नए युग की शुरुआत साबित होगा, जिससे किसान अपने अधिकारों की सुरक्षा के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ भी आसानी से उठा सकेंगे।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व पंकज वर्मा समस्त एसडीम सहित आदि उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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