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रणछोड़दास पागी का जन्म गुजरात के बनासकांठा ज़िले के सीमा क्षेत्र में एक रबारी परिवार में हुआ था। भारत विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान से भारत आकर बस गया। रेगिस्तान और सीमा क्षेत्र की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों की उन्हें गहरी जानकारी थी। यही ज्ञान आगे चलकर भारतीय सेना के लिए सबसे बड़ा हथियार बना।

साल 1965 में पाकिस्तान ने गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित विद्याकोट पर हमला कर कब्ज़ा कर लिया। भारतीय सेना को दुर्गम रेगिस्तानी रास्तों से होकर मोर्चे तक पहुंचना था, लेकिन रास्ता बेहद कठिन था। उस समय रणछोड़दास ने सेना का मार्गदर्शन किया और सैनिकों को सही समय पर सुरक्षित मोर्चे तक पहुंचाया।

उन्होंने दुश्मन सेना की गतिविधियों और छिपे हुए पाकिस्तानी सैनिकों की सटीक जानकारी भारतीय सेना तक पहुंचाई। उनकी दी गई सूचना के आधार पर भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद उन्हें सेना में स्काउट के रूप में शामिल किया गया

रणछोड़दास पागी ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी भारतीय सेना की मदद की। सीमा क्षेत्र के रास्तों और दुश्मन की स्थिति की जानकारी देकर उन्होंने कई सैन्य अभियानों को सफल बनाया। कहा जाता है कि उनकी सूझबूझ और मार्गदर्शन से हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची।

उनकी बहादुरी और योगदान से प्रभावित होकर फ़ील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ भी उनका बहुत सम्मान करते थे। एक बार मानेकशॉ ने उन्हें अपने साथ भोजन के लिए बुलाया था। बताया जाता है कि पागी अपने साथ केवल रोटियां, प्याज और बेसन की साधारण सब्ज़ी लेकर पहुंचे थे, जिसे दोनों ने साथ बैठकर खाया।

गुजरात में “पागी” उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कठिन इलाकों में रास्ता पहचानने और मार्गदर्शन करने में माहिर हो। रणछोड़दास अपनी इस अद्भुत कला के कारण “रणछोड़दास पागी” के नाम से प्रसिद्ध हुए।

रणछोड़दास पागी को उनके योगदान के लिए संग्राम मेडल, पुलिस मेडल और समर सेवा स्टार जैसे कई सम्मानों से नवाज़ा गया। गुजरात के सीमा क्षेत्र में भारतीय सेना की एक चौकी का नाम “रणछोड़दास पोस्ट” रखा गया, जो किसी आम नागरिक के सम्मान में रखा गया एक अनोखा उदाहरण है।

जनवरी 2013 में 112 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन देश के लिए उनका योगदान आज भी प्रेरणा देता है। रणछोड़दास पागी उन गुमनाम नायकों में से एक थे, जिन्होंने बिना किसी पद या वर्दी के देश की रक्षा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

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