Spread the love

इस देश ने वह दौर भी देखा है जब 2004 से 2014 के बीच डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने 10 साल के पूरे सेवाकाल में कुल 73 विदेशी यात्राएं की थीं, जिन पर आधिकारिक खर्च महज ₹699 करोड़ आया था।

आज के तथाकथित ‘विश्वगुरु’ के सिर्फ आने जाने के लिए आलीशान ऐश-ओ-आराम, पांच सितारा सुइट्स और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं के लिए टैक्सपेयर्स की गाढ़ी कमाई से 4500 करोड़ रुपये की लागत से ‘B777 एयर इंडिया वन’ जैसे उड़ते हुए अभेद्य महल खरीदे जाते हैं,

इस भव्य और शाही फिजूलखर्ची की पराकाष्ठा देखिए कि मौजूदा हुक्मरानों के साथ विमान में देश हित की सोच रखने वाले नीति विश्लेषक नहीं, बल्कि अधिकारियों से ज्यादा उनके निजी फोटोग्राफर्स, वीडियो एडिटर्स, स्पेशल लाइटिंग एक्सपर्ट्स, मेकअप आर्टिस्ट्स और विदेशी इवेंट्स को कोऑर्डिनेट करने वाले डायरेक्टर्स की 100 से अधिक लोगों की भारी-भरकम फौज सरकारी खर्च पर उड़ती है।

जहाँ डॉ. मनमोहन सिंह के विमान में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के. नारायणन, शिवशंकर मेनन और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया जैसे गिने-चुने चाणक्य बैठते थे, वहीं आज का यह व्यक्तिगत ब्रांडिंग कारवां केवल विदेशों में होटलों के पूरे-पूरे फ्लोर बुक करने के लिए करोड़ों रुपये बेरहमी से बहा देता है।

आरटीआई (RTI) के आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों से यह सच उजागर हो चुका है कि इनकी महज 12 घंटे से भी कम की एक सऊदी अरब की यात्रा पर देश के खजाने से ₹15 करोड़ खर्च हो गए, जिसमें से ₹10 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि केवल होटल बुकिंग और आलीशान कमरों के तामझाम के लिए चुकाई गई।

कूटनीतिक इतिहास गवाह है कि 18 जुलाई 2005 को जब डॉ. मनमोहन सिंह अमेरिका के आधिकारिक दौरे पर वाशिंगटन पहुंचे थे, तब उन्होंने बिना किसी जबरदस्ती गले मिलने की नौटंकी और बिना किसी ढोल-नगाड़े के ‘भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता’ (Civil Nuclear Deal) साइन करके भारत का दशकों पुराना वैश्विक परमाणु अलगाव हमेशा के लिए खत्म कर दिया था।

इसके बाद 13 से 16 दिसंबर 2006 को जब वे टोक्यो गए, तो ‘जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी’ (JICA) के साथ सीधे आर्थिक संवाद करके 0.5% से भी कम ब्याज दर पर लाखों करोड़ रुपये का ऋण और तकनीकी सहयोग भारत को उपहार स्वरूप दिलाया, जिसकी बदौलत आज दिल्ली-एनसीआर में 50 लाख से अधिक नागरिकों को रोज़ाना सेवा देने वाली मेट्रो दौड़ रही है।

लेकिन वर्तमान सत्ता के दौरों का रिटर्न गिफ्ट क्या है? कूटनीति का बुनियादी नियम है कि यदि आप 2014 से लेकर 2026 की विदेश यात्राओं में 25 अबर खर्च कर रहे हो, तो उसका कम से कम 10% ठोस निवेश या प्रत्यक्ष फायदा तो देश को मिले, मगर यहाँ तो नतीजा बिल्कुल शून्य है और हासिल सिर्फ ‘मेक इन इंडिया’ का पूरी तरह फ्लॉप होना है,

जिसके चलते जनरल मोटर्स, फोर्ड और हार्ले डेविडसन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर भाग चुकी हैं।

एक विदेशी दौरे के दौरान जब मौजूदा प्रधानमंत्री को वहां की किसी संस्था द्वारा एक ‘AI-जनरेटेड’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा निर्मित) फर्जी प्रशंसा प्रमाणपत्र थमा दिया गया, तो हमारे देश के मुखिया उस कंप्यूटर से बने फर्जी सर्टिफिकेट को इतनी संजीदगी से लेकर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करने लगे जैसे कोई महान वैश्विक उपलब्धि हासिल कर ली हो!

क्या 140 करोड़ की आबादी वाले स्वाभिमानी भारत देश के प्रधानमंत्री का कद अब इतना छोटा और खोखला हो गया है कि वे विदेशों से एआई-जनरेटेड कागज के टुकड़े बटोरकर अपनी पीठ थपथपाएंगे और देश की जनता को भरमाएंगे?

इस आत्म-प्रचार की भूख को शांत करने के लिए विदेशों में आयोजित होने वाली भव्य प्रवासी रैलियों (जैसे अमेरिका में ‘हाउडी मोदी’ या हालिया दौरों के बड़े-बड़े इवेंट्स) के लिए बड़े-बड़े खेल स्टेडियम और कन्वेंशन सेंटर बुक किए जाते हैं, जिनका सिर्फ एक-एक दिन का रिसेप्शन और स्टेज मैनेजमेंट का खर्च ₹1,87,00,000 से लेकर कई करोड़ रुपयों तक आता है,

सबसे शर्मनाक और कड़वी हकीकत यही है कि जब इन बेहिसाब खर्चों, असफल कूटनीति, खोखले दौरों और ₹1 के मुकाबले $83 के पार जाकर वेंटिलेटर पर लेटी डूबती अर्थव्यवस्था पर देश का कोई सजग नागरिक या राजनीतिक आलोचक इनसे आधिकारिक आंकड़े मांगता है, तो भाजपा की पूरी ट्रोल आर्मी और उनके खरीदे हुए मीडिया एंकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नफरत का वही पुराना घिसा-पिटा नैरेटिव चालू कर देते हैं।

चूंकि इनके पास इन वित्तीय अनियमिताओं और फिजूलखर्ची का कोई तार्किक जवाब नहीं होता, इसलिए ये समाज में चिल्लाना शुरू कर देते हैं कि “हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा शुरू कर दो, धर्म खतरे में है, भगवान की मूर्तियां खतरे में हैं, भगवान खतरे में हैं, हिंदू खतरे में हैं, हिंदुओं का रोजगार खतरे में है!”

इस विभाजनकारी नैरेटिव की बेशर्मी देखिए, ये साफ कहते हैं कि इन सब चीजों को खतरा और किसी से नहीं, बल्कि सिर्फ और सिर्फ देश के अल्पसंख्यकों से है।

यानी देश का खजाना ये अपनी आलीशान विदेश यात्राओं में उड़ाएंगे, महंगे वीवीआईपी विमानों में ये घूमेंगे, फर्जी एआई सर्टिफिकेट पर ये खुश होंगे, बेरोजगारी की दर को चरम पर ये पहुंचाएंगे, और जब जनता पाई-पाई का हिसाब मांगेगी तो देश को सांप्रदायिक नफरत की आग में झोंक देंगे ताकि लोग आपस में लड़ते रहें और इनसे कोई आर्थिक प्रगति का हिसाब न मांग सके।

जिस मनमोहन सिंह को इन्होंने ‘मौन’ कहकर बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, उस कर्मयोगी ने नवंबर 2008 की वैश्विक मंदी में G-20 शिखर सम्मेलन में जाकर ऐसी वित्तीय रणनीतियां बनाई थीं कि पूरी दुनिया तबाह हो गई लेकिन भारत की जीडीपी सुरक्षित रही।

हमें अपनी पीठ थपथपाने वाला कोई बहरूपिया नहीं, बल्कि इस देश के 140 करोड़ लोगों के पैसों और भविष्य का सम्मान करने वाला जवाबदेह नेतृत्व चाहिए!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

अपने अखबार या पत्रिका (Print Media) को केंद्रीय संचार ब्यूरो (Central Bureau of Communication – CBC) से जोड़ने यानी एम्पैनलमेंट (Empanelment) कराने के लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है।इसके माध्यम से आपके अखबार को सरकारी विज्ञापन मिलने की प्रक्रिया शुरू होती है।जरूरी शर्तें और प्रक्रिया RNI / PRGI रजिस्ट्रेशन: आपके समाचार पत्र के पास प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (PRGI / RNI) का वैध पंजीकरण होना चाहिए।नए नियमों के तहत प्रेस सेवा पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी की जाती है।आधिकारिक वेबसाइट: सीबीसी से जुड़ने या आवेदन करने के लिए आपको केंद्रीय संचार ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट https://cbcindia.gov.in पर जाना होगा।ऑनलाइन आवेदन विंडो: सीबीसी समय-समय पर नए प्रकाशनों (Publications) के एम्पैनलमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करता है। जब पोर्टल पर आवेदन विंडो खुली हो, तब आप वेंडर या पब्लिशर पोर्टल पर जाकर अपने अखबार के कागजात और डिटेल्स के साथ अप्लाई कर सकते हैं। बिना किसी एजेंट के सतर्क रहें:सीबीसी स्पष्ट करता है कि एम्पैनलमेंट पूरी तरह से पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर होता है। इसके लिए किसी भी एजेंट या बिचौलये को रिश्वत या कमीशन न दें।लेटेस्ट अपडेट्स और आवेदन फॉर्म भरने के लिए सीधा CBC Vendor Login / Website पर विजिट करें।

दोस्तो मौजूदा समय में हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा ही नहीं रु. किसानों मजदूरों की आर्थिक स्तिथि रोजगार महंगाई देश की आर्थिक स्तिथि व्यापार सब कुछ खतरे में है लेकिन मोदी सरकार का और प्रदेश सरकारों का ठाट बाट खतरे में नहीं हैदोस्तो उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन जो प्रत्येक सोमवार को होता है कांग्रेस का यह प्रदर्शन अब समाप्त नहीं होगा जिला प्रशासन भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही नहीं करेगा इसलिए कांग्रेस का यह प्रदर्शन चलेगा भ्रष्टाचार पर अगर कार्यवाही होगी तो पूरे सिस्टम पर सबाल खड़े होंगे और सिस्टम को मोदी सरकार संभाल रही है अगर संभल कलेक्ट्रेट पर भ्रष्टाचार के विरुद्ध कांग्रेस का प्रदर्शन तभी समाप्त होगा जब मोदी सरकार को सत्ता से हटा कर देश में एक ऐसी सरकार लायी जाय जिस पर भ्रष्टाचार की एक भी शिकायत कोई भी नहीं कर पाएदोस्तो कल 25 अगस्त 26 को संभल कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन हुआ जिसमें PACL साइप्रसाद कल्पतरू KBCL निमवस जैसी तमाम कम्पनियों के पीड़ित निवेशक एकत्र हुए इन निवेशकों के पैसों के लिए भी मोदी सरकार ही जिम्मेदार है निवेशकों का पैसा व्याज सहित देना है तो मोदी सरकार के विरुद्ध देश में आंदोलन शुरू करना होगा लेकिन मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन के लिए निवेशक हिम्मत नहीं जुटा पायदोस्तो आज देश की जनता की सभी समस्याओं की जड़ मोदी सरकार है अगर जनता की समस्याओं का समाधान करना है तो मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए देश में आंदोलन शुरू करना ही होगादोस्तो संभल कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का प्रदर्शन भ्रस्ट सिस्टम के विरोध में चल रहा है भ्रस्ट सिस्टम को जिला प्रशासन संभल ठीक नहीं कर सकता और भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही भी नहीं कर सकताइसलिए भ्रस्ट सिस्टम को ठीक करने के लिए भ्रस्टाचारियों पर कानूनी कार्यवाही करने के लिए हमें मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए देश में आंदोलन शुरू करना होगा और यह आंदोलन संभल कलेक्ट्रेट से ही शुरू होगायह आंदोलन कांग्रेस का आदर्श आंदोलन के रूप में जाना जायेगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×