नितिन कुमार सिंह, बागपत।

सुक्रमपाल पाल कश्यप पुत्र श्री श्याम सिंह कश्यप निवासी ब्राह्मण पुट्टी, किसान चौधरी चरण सिंह निवासी गांव गाधी का कोल्हू गांव गाधी में किराये पर लेकर चलता है। सुक्रमपाल कश्यप ने बताया कि 28 जून 2026 की देर रात्रि लगभग 11 बजे किसी ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मोके पर शराब की बोतल भी पड़ी मिली। । उसी समय बागपत पुलिस की एक फेंटम यहाँ पर गस्त कर रही थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और हमे सुचना दे मोके पर बुलाया। फायर बिर्गेड ने मौके पर पहुंच लगभग चार घंटे में आग पर काबू तो पाया लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। आग खोई के चारो तरफ लगाई गयी थी।
मोके पर मौजूद सोकिंद्र कश्यप ने बताया कि आग खोई के चारो तरफ लगाई गयी थी। अगर दो सौ कुंतल खोई भी जली और एक कीमत आठ सौ रुपये कुंतल खोई भी लगाए तो कम से कम 16 लाख रुपये का नुकसान है।
सुभाष चंद कश्यप, पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा ने बताया कि कश्यप समाज के लोग बहुत मेहनती होते है। जब भी ये अपना काम अच्छे से आगे बढाते हैं। ईर्ष्या में कुछ दबंग किस्म के लोग किसी न किसी तरीके से हानि पहुंचाते रहते है जिससे गरीब कश्यप देश की मुख्यधारा में शामिल न हो सके।
उन्होंने बताया कि यह एक गांधी गांव की कहानी नहीं बल्कि जगह यही हो रहा है। देश की सरकार भी नहीं चाहती कि गरीब कश्यप समाज के लोग आगे बढे। भाजपा सरकार ने तो वर्ष 2000 में गरीबो के 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण में कुछ दबंग सक्षम जातियों को जोड़ इनके पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चो के भविष्य की भी रीढ़ तोड़ दी। 1995 में इनके मंडल कमीशन का विरोध भी भाजपा ने ही किया था।