दोस्तो अब तो वास्तव में विश्व गुरु के डंके में कुछ नहीं कोई बड़ी तकनीकी समस्या है जिससे इनका डंका सही से नहीं बज रहा है मोदीजी के फ्रेंड अब RSS और रॉ पर वेन लगाने की सिफारिस की है यह सब अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के द्वारा कराया गया है बही हमारी गोदी मीडिया जिस तिरंगा लगे जहाज जो गैस से लदा था उसको बता रहे थे बह भारत आ रहा है लेकिन बह अमेरिका गया इसकी सत्यता भी सामने आ जाएगी लेकिन मोदीजी उनके मंत्री और सांसदों को शायद अभी यह नहीं पता कि देश की जनता गैस को लेकर कितनी परेशान है अब तो इनको यह बताते हुए भी किसी प्रकार की शर्म या झिझक नहीं होती और खुलेआम बोल रहे हैं कि गैस का स्टॉक भरपूर मात्रा में हैदोस्तो हमें हमारे संविधान में अपनी आबाज उठाने का सत्ता का विरोध करने का पुरा अधिकार मिला हुआ है इस अधिकार को हमसे कोई भी सत्ता हो या देश का प्रशासन हमसे नहीं छीन सकता लेकिन जब हम TV खोलते हैं तो गैस की किल्ल्त के विरोध में जब विपक्ष के नेता चूल्हा जलाकर कुछ पकाते हैं तो देश का प्रशासन प्रदर्शन कारीयों को बलपूर्वक खिंचते हुए गिरफ्तार करती है मोदीजी नें पिछले समय नाली में गैस की चर्चा करी थी अब विपक्ष जब नाली की गैस को लेकर प्रदर्शन करता है तो प्रशासन बलपुरबक गिरफ्तार करता हैदोस्तो अब देश में सत्ता में बैठे नेताओं को और देश के प्रशासन को संविधान के अनुसार कार्य करना होगा आज जिस प्रकार से BJP RSS और इनसे जुड़े साधू संत जिस प्रकार से हमारे संबिधान की जगह हिन्दू राष्ट्र की बात करते हैं और अब तो हमारे देश का प्रशासन भी इनको खुश करने के लिए अब खुलेआम संबिधान को ताक पर रखकर जाती विशेष के विरुद्ध कार्य कर रहा हैदोस्तो हमारा संभल जनपद तो इसका सबसे अच्छा उदाहरण है संभल के प्रशासन नें सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को और एक वर्ग के भवनों को यह कह कर ध्वस्त किया कि यह सरकारी भूमि पर बने हैं जबकी संबिधान के अनुसार शासन और प्रशासन एक जाती वर्ग को देखकर नहीं बल्की एक समान कार्य वाही करेगा अगर प्रशासन को सरकारी भूमि से धार्मिक स्थलों को हटाना है तो ऐसी भूमि पर किसी भी धर्म का धार्मिक स्थल हो सभी को हटाना होगा अभी संभल के DM और SSP नें संभल की मस्जिद को लेकर फरमान जारी किया कि इतने व्यक्ति ही नमाज पड़ सकते हैं इसी प्रकार से संभल के CO नें भी एक जाती वर्ग को धमकायादोस्तो अब सत्ता को और देश के प्रशासन को तय करना होगा कि उन्हें संबिधान के अनुसार कार्य करना है या नहीं अगर देश में इनको इस संबिधान की जगह कोई और संबिधान लाना है तो इसके लिए देश में फिर से जनमत लेना होगादोस्तो अब देश में संबिधान के लिए सीघ्र ही आंदोलन होगाधन्यवादआपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.8791674785 9720026990 wजय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

subhashchand4

Bysubhashchand4

Mar 16, 2026
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दोस्तो अब तो वास्तव में विश्व गुरु के डंके में कुछ नहीं कोई बड़ी तकनीकी समस्या है जिससे इनका डंका सही से नहीं बज रहा है मोदीजी के फ्रेंड अब RSS और रॉ पर वेन लगाने की सिफारिस की है यह सब अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग के द्वारा कराया गया है बही हमारी गोदी मीडिया जिस तिरंगा लगे जहाज जो गैस से लदा था उसको बता रहे थे बह भारत आ रहा है लेकिन बह अमेरिका गया इसकी सत्यता भी सामने आ जाएगी लेकिन मोदीजी उनके मंत्री और सांसदों को शायद अभी यह नहीं पता कि देश की जनता गैस को लेकर कितनी परेशान है अब तो इनको यह बताते हुए भी किसी प्रकार की शर्म या झिझक नहीं होती और खुलेआम बोल रहे हैं कि गैस का स्टॉक भरपूर मात्रा में है
दोस्तो हमें हमारे संविधान में अपनी आबाज उठाने का सत्ता का विरोध करने का पुरा अधिकार मिला हुआ है इस अधिकार को हमसे कोई भी सत्ता हो या देश का प्रशासन हमसे नहीं छीन सकता लेकिन जब हम TV खोलते हैं तो गैस की किल्ल्त के विरोध में जब विपक्ष के नेता चूल्हा जलाकर कुछ पकाते हैं तो देश का प्रशासन प्रदर्शन कारीयों को बलपूर्वक खिंचते हुए गिरफ्तार करती है मोदीजी नें पिछले समय नाली में गैस की चर्चा करी थी अब विपक्ष जब नाली की गैस को लेकर प्रदर्शन करता है तो प्रशासन बलपुरबक गिरफ्तार करता है
दोस्तो अब देश में सत्ता में बैठे नेताओं को और देश के प्रशासन को संविधान के अनुसार कार्य करना होगा आज जिस प्रकार से BJP RSS और इनसे जुड़े साधू संत जिस प्रकार से हमारे संबिधान की जगह हिन्दू राष्ट्र की बात करते हैं और अब तो हमारे देश का प्रशासन भी इनको खुश करने के लिए अब खुलेआम संबिधान को ताक पर रखकर जाती विशेष के विरुद्ध कार्य कर रहा है
दोस्तो हमारा संभल जनपद तो इसका सबसे अच्छा उदाहरण है संभल के प्रशासन नें सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को और एक वर्ग के भवनों को यह कह कर ध्वस्त किया कि यह सरकारी भूमि पर बने हैं जबकी संबिधान के अनुसार शासन और प्रशासन एक जाती वर्ग को देखकर नहीं बल्की एक समान कार्य वाही करेगा अगर प्रशासन को सरकारी भूमि से धार्मिक स्थलों को हटाना है तो ऐसी भूमि पर किसी भी धर्म का धार्मिक स्थल हो सभी को हटाना होगा अभी संभल के DM और SSP नें संभल की मस्जिद को लेकर फरमान जारी किया कि इतने व्यक्ति ही नमाज पड़ सकते हैं इसी प्रकार से संभल के CO नें भी एक जाती वर्ग को धमकाया
दोस्तो अब सत्ता को और देश के प्रशासन को तय करना होगा कि उन्हें संबिधान के अनुसार कार्य करना है या नहीं अगर देश में इनको इस संबिधान की जगह कोई और संबिधान लाना है तो इसके लिए देश में फिर से जनमत लेना होगा
दोस्तो अब देश में संबिधान के लिए सीघ्र ही आंदोलन होगा
धन्यवाद
आपका अपना विनोद साथी
जिला उपाध्यक्ष
संभल कांग्रेस उ.प्र.
8791674785 9720026990 w
जय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

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