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नसीम खान, बागपत/बड़ौत/कोताना।

मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 7 मार्च 2026 को जनपद बागपत की बड़ौत तहसील के ग्राम कोताना में जो घटना सामने आई है, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक है। गांव के दबंग अपराधियों—अवि, फिरोज, भैया और रिहान—पर आरोप है कि उन्होंने खेत में मजदूरी कर रहे सोनू और अफसर को घेरकर सरियों, लाठियों और हथियारों से बुरी तरह पीटा। इस हमले में सोनू के दोनों हाथों की हड्डियां कई जगह से टूट गईं, जबकि अफसर का पैर टूट गया है। दोनों पीड़ित परिवार आज भी दहशत के साए में जी रहे हैं।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत होने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो आखिर गांवों में दबंग अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि वे खुलेआम लोगों को जान से मारने की नीयत से हमला कर रहे हैं?


क्या यही कानून का राज है कि मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले गरीब लोगों को इस तरह पीटा जाए और अपराधी खुलेआम घूमते रहें?
प्रदेश सरकार और प्रशासन को इस मामले को बेहद गंभीरता से लेना चाहिए। आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिले और क्षेत्र में कानून का भरोसा कायम हो सके।
यह केवल दो लोगों पर हमला नहीं है, बल्कि कानून और व्यवस्था को खुली चुनौती है। अगर ऐसे मामलों में तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो यह संदेश जाएगा कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक असुरक्षित है।

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