बागपत ::- बोर्ड परीक्षा से पहले बुधवार सुबह 12वीं के छात्र रिहान (17) निवासी नंगला पोइस का शव बड़का गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे पड़ा मिला। छात्र बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे से लापता था। पिता मोहम्मद सोनू ने बाइक सवार युवकों पर घर से ले जाकर उसकी हत्या करने और शव रेलवे ट्रैक किनारे फेंकने का आरोप लगाया। इस मामले में सिंघावली अहीर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। नंगला पोइस निवासी मोहम्मद सोनू दिल्ली में सिविल डिफेंस में सुरक्षा कर्मी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और बच्चे गांव में रहते हैं। सबसे बड़ा बेटा रिहान बिजवाड़ा के इंटर कॉलेज में 12वीं का छात्र था, जिसकी बोर्ड परीक्षा का केंद्र जनता वैदिक इंटर कॉलेज बड़ौत को बनाया गया था। सोनू ने बताया कि मंगलवार रात रिहान घर में बुधवार को होने वाली परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बुधवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे एक बाइक उसके घर के बाहर आकर रुकी और उस पर सवार युवक ने रिहान को बुला लिया। रिहान मकान में अंदर लगे ताले खोलकर बाइक पर बैठकर चला गया, जो अपना बैग और शॉल लिए हुए था। इसके बाद फोन बंद होने पर रिहान की तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। बुधवार सुबह सात बजे बड़ौत कोतवाली के पुलिसकर्मियों ने उसकी पत्नी गुड्डी को रिहान का शव रेलवे ट्रैक के पास मिलने के बारे में बताया। सोनू ने बताया कि पुलिसकर्मी बता रहे हैं कि ट्रेन की टक्कर से उसके बेटे रिहान की मौत हुई, जबकि उसके शरीर पर ट्रेन की टक्कर की चोट का कोई निशान नहीं है। आरोप लगाया कि उसके बेटे रिहान का गांव के कुछ युवकों से पहले झगड़ा हुआ था, जिसको लेकर रंजिश चल रही है। सोनू ने सिंघावली अहीर पुलिस से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर बेटे को घर से ले जाकर हत्या करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। बड़ौत कोतवाली के जांच अधिकारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में घटना आत्महत्या की लग रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत होने के सही कारणों का पता चलेगा और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बागपत मे सोती हुई मां के तकिये के नीचे से चाबी निकालकर घर से गया 12वीं का छात्र, सुबह रेलवे ट्रैक पर मिला शव
Bysubhashchand4
Feb 19, 2026Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4