Spread the love

बागपत 03 फरवरी 2026 — जनपद बागपत में उपखनिज के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा सघन अभियान लगातार असर दिखा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में खनन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने आईएसटीपी के बिना उपखनिज परिवहन करते हुए 09 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

जांच अभियान के दौरान टीम ने प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान पाया गया कि 09 वाहन बिना वैध आईएसटीपी/ट्रांजिट पास के उपखनिज का परिवहन कर रहे थे, जो खनन अधिनियम एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों के चालान किए और कुल 4.50 लाख रुपये की धनराशि जुर्माने के रूप में मौके पर ही जमा कराई गई।

जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आईएसटीपी प्रणाली का उद्देश्य उपखनिज की वैधता, मात्रा और गंतव्य की निगरानी सुनिश्चित करना है, ताकि अवैध खनन और अनधिकृत परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। बिना ट्रांजिट पास उपखनिज परिवहन से न केवल शासन को राजस्व की क्षति होती है, बल्कि अवैध खनन को भी बढ़ावा मिलता है।

इस अभियान के दौरान एसडीएम एवं नायब तहसीलदार स्वयं मौके पर मौजूद रहे जिससे कार्रवाई की पारदर्शिता और प्रशासनिक गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। इस तरह की सघन जांच से ओवरलोडिंग पर रोक लगती है, सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध उपखनिज परिवहन को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। आगे भी जिले के प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, चेक पोस्टों और सीमावर्ती क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।

जिला प्रशासन ने वाहन चालकों, ठेकेदारों एवं पट्टाधारकों से अपील की है कि उपखनिज परिवहन के दौरान सभी वैध दस्तावेज, विशेषकर आईएसटीपी/ट्रांजिट पास अनिवार्य रूप से साथ रखें। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में वाहन सीज करने सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×