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प्राचीनता और मान्यता के लिए जाना जाता है पुरा महादेव मंदिर

ज़ीरो वेस्ट महोत्सव के रूप में इतिहास रचेगा पुरा महादेव का महाशिवरात्रि मेला

आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनेगा पुरा महादेव का कांवड़ मेला

14-16 फरवरी 2026 तक संपन्न होने जा रहा है फाल्गुन मास महाशिवरात्रि का मेला

श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार बागपत, डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जिलाधिकारी ने पुरा महादेव मंदिर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराए जाने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध

पवित्र कांवड़ यात्रा में भोलेनाथ के समस्त भक्तों का जनपद में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन

कावड़ मेला में संबंधित अधिकारी ड्यूटी सेवा भाव के साथ करें श्रद्धालुओं को न होने दें किसी तरह की समस्या

बागपत, 02 फरवरी 2026। जनपद बागपत में फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि के अवसर पर श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर, पर लगने वाला प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक मेला इस वर्ष 14 फरवरी 2026से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस तीन दिवसीय मेले को सकुशल, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक ढंग से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। वहीं झंडारोहण 15 फरवरी 2026 को शाम 5:02 बजे होगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कांवड़ यात्रा, मेला व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, प्रकाश और यातायात से जुड़ी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुरा महादेव मंदिर न केवल जनपद बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी प्राचीनता, धार्मिक मान्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िया हरिद्वार सहित विभिन्न तीर्थस्थलों से पैदल पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचते हैं और शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं। ऐसे में यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

इस वर्ष पुरा महादेव मंदिर पर आयोजित होने वाला फाल्गुन मास महाशिवरात्रि का ऐतिहासिक कांवड़ मेला “ज़ीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में नई पहचान गढ़ने जा रहा है। आस्था, सेवा और पर्यावरण संरक्षण के त्रिवेणी संगम के रूप में इस मेले को विकसित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने समग्र और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में मेला क्षेत्र और समस्त कांवड़ मार्गों को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया गया है। एकल-उपयोग प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध रहेगा तथा श्रद्धालुओं को प्राकृतिक, कपड़े और कागज़ आधारित विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मेला परिसर एवं कांवड़ मार्गों पर गीले और सूखे कचरे के पृथक संग्रह हेतु रंग-कोडित डस्टबिन लगाए जाएंगे और नगर निकाय की टीमें 24 घंटे सक्रिय रहकर स्वच्छता की निगरानी करेंगी। विशेष बात यह है कि कांवड़ मेले से निकलने वाले समस्त कचरे को वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस कर उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया जाएगा। फूल-पत्तियों, पूजन सामग्री एवं जैविक अपशिष्ट से खाद एवं कंपोस्ट तैयार की जाएगी, जबकि सूखे कचरे को छंटाई के उपरांत रिसाइक्लिंग यूनिट तक भेजा जाएगा, जिससे कचरा बोझ नहीं बल्कि संसाधन के रूप में परिवर्तित हो सके।

श्रद्धालुओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के अधिपति हैं और उनकी आराधना का यह पर्व तभी पूर्ण होगा जब श्रद्धा के साथ प्रकृति की रक्षा भी सुनिश्चित की जाए। यह कांवड़ मेला न केवल धार्मिक आस्था और अनुशासन का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि स्वच्छता, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण आस्था के अभिन्न अंग हैं। जनपद बागपत का यह ज़ीरो वेस्ट कांवड़ मेला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में स्थापित होगा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मेला अवधि 14 से 16 फरवरी 2026 के दौरान मंदिर परिसर में कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्यदायी एजेंसी को समस्त निर्माण सामग्री हटाने तथा निर्माण क्षेत्र को ग्रीन नेट से कवर करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि इस दौरान श्रद्धालुओं का प्रवेश पूर्वी द्वार से तथा निकास पश्चिमी द्वार से सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि भीड़ प्रबंधन सुचारू रूप से किया जा सके।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने अधिकारियों से कहा कि मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान सभी अधिकारी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। यह केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की सेवा का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी ड्यूटी प्वाइंट को तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक प्रतिस्थानी अधिकारी वहां उपस्थित न हो जाए। सभी अधिकारियों को अपने तैनाती क्षेत्र, मार्गों और संपर्क बिंदुओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए। साथ ही वाहनों में पानी, प्राथमिक उपचार की दवाएं और आवश्यक सामग्री अवश्य रखी जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ मधुर व्यवहार रखा जाए और यदि किसी श्रद्धालु को कोई समस्या दिखाई दे तो उसे तुरंत प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्थान तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए मार्ग प्रशस्त करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता आवश्यक है।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र और कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे और आईपी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीमवर्क की भावना से कार्य करते हुए सभी अधिकारी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।

स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी ने विशेष सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला परिसर और कांवड़ मार्गों पर साफ-सफाई में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। 24 घंटे सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाए। मोबाइल टॉयलेट, पानी के टैंक और हैंडपंप पूरी तरह क्रियाशील स्थिति में रहें। कांवड़ मार्ग के दोनों ओर की झाड़ियों की कटाई समय से पूर्ण कराई जाए, ताकि आवागमन में कोई बाधा न हो।

प्रकाश व्यवस्था के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक गांव में हर विद्युत पोल पर लाइट सुनिश्चित की जाए। मेला परिसर, पार्किंग स्थल और बस अड्डों पर भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे रात्रि के समय श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। विद्युत आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

खाद्य सुरक्षा के विषय में जिलाधिकारी ने कहा कि मेला परिसर में लगने वाली सभी दुकानों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। प्रत्येक दुकान पर खाद्य सामग्री की रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए और ओवररेटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। कांवड़ मार्ग और मेला क्षेत्र में मांस-मछली की दुकानें नहीं खुलेंगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी स्थापित किए जाएं। पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी श्रद्धालु को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। एंबुलेंस की उपलब्धता भी हर समय बनी रहनी चाहिए।

यातायात और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पार्किंग स्थल सुव्यवस्थित हों और वहां भी पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था हो। स्थायी बस अड्डा बनाए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा हो और यातायात सुचारू बना रहे। साइनेज बोर्ड एक ही डिजाइन में लगाए जाएं, जिससे श्रद्धालुओं को मार्ग और सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल सके।

निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने दोहराया कि कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि मेला जनपद के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रा की शुद्धता, पवित्रता और सुगमता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनपद बागपत प्रशासन इस दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाएगा। पवित्र कांवड़ यात्रा में भोलेनाथ के समस्त भक्तों का जनपद बागपत में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। जिला प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध है कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और यह ऐतिहासिक मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हो।

उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ करें, ताकि पूरा महादेव मंदिर पर लगने वाला यह ऐतिहासिक मेला एक बार फिर अपनी गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न हो सके।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व विनीत उपाध्याय, मेला मजिस्ट्रेट अमरचंद वर्मा, एसडीएम बड़ौत भावना सिंह, ईओ बागपत केके भड़ाना, मुख्य पुजारी जय भगवान शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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