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फॉर्म भरा, वादा किया और रोशनी का हिस्सा बने—बागपत की प्रेरक कहानी

यूपी दिवस, लेकिन कुछ अलग—बागपत में लोगों ने दी दूसरों को देखने की उम्मीद

एक दिन, एक मंच और सैकड़ों नेक संकल्प: लोगों ने दूसरों को रोशनी देने का लिया संकल्प

जब उत्सव बना सेवा: यूपी दिवस पर बागपत ने चुनी इंसानियत की राह

गर्व का विषय: यूपी दिवस पर बागपत ने समाज को दी नई दृष्टि

बागपत, 24 जनवरी 2026। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर बागपत में इस बार उत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को नई दृष्टि देने वाला एक मानवीय संकल्प भी इसमें जुड़ गया। बागपत कलेक्ट्रेट के लोकमंच पर आयोजित यूपी दिवस समारोह के दौरान नेत्रदान संकल्प पत्र अभियान ने जनजागरण की एक अनूठी और प्रेरणादायी तस्वीर प्रस्तुत की। सैकड़ों नागरिकों ने मौके पर नेत्रदान का संकल्प लेकर मिसाल कायम की।

कार्यक्रम स्थल पर आयोजित विभिन्न विभागीय प्रदर्शनियों के बीच नेत्रदान संकल्प पत्र भरने का विशेष कैंप लगाया गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उत्सव के माहौल में जब लोग योजनाओं, प्रदर्शनों और सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद ले रहे थे, तभी मानव सेवा और संवेदनशीलता से जुड़ा यह अभियान लोगों के मन को छू गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों ने आगे बढ़कर नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा और इस पुण्य कार्य का हिस्सा बने।

इस अभियान में बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ राजकुमार सांगवान ने स्वयं नेत्रदान संकल्प पत्र भरकर आमजन को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नेत्रदान केवल एक संकल्प नहीं, बल्कि किसी के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम है। उन्होंने इसे समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय कर्तव्य का सर्वोच्च उदाहरण बताया। सांसद के इस कदम से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह और जागरूकता और अधिक बढ़ गई।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी ‘शूटर दादी’ प्रकाशो तोमर ने भी नेत्रदान संकल्प पत्र भरते हुए कहा कि जीवन में सबसे बड़ा सम्मान किसी जरूरतमंद की मदद करने में है। कार्यक्रम में उपस्थित सेवानिवृत्त शिक्षिका ओमबीरी ने भी नेत्रदान का संकल्प लेकर यह संदेश दिया कि सेवा की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती।

नेत्रदान संकल्प अभियान में विभिन्न पशु कल्याण स्वयंसेवकों, पत्रकारों, विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता की। सभी ने इसे केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया। कार्यक्रम स्थल पर यह दृश्य विशेष रूप से भावुक कर देने वाला रहा, जब अलग-अलग आयु वर्ग के लोग—युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक—एक ही उद्देश्य के साथ आगे आए और संकल्प पत्र भरते नजर आए।

कुछ दिन पहले जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने नेत्रदान संकल्प पत्र भरने की पहल की थी जिसे इंटरनेट मीडिया पर व्यापक सराहना मिली थी जिसके बाद जिलेभर में विशेष फोकस के साथ नेत्रदान जागरूकता मुहिम ने व्यापक अभियान का रूप ले लिया। विभिन्न स्थानों पर कैंप आयोजित किए जाने लगे और हजारों नागरिक इस मुहिम से जुड़ते चले गए। जनपद में जिस तेजी से लोग नेत्रदान संकल्प पत्र भर रहे हैं, वह इस बात का प्रमाण है कि समाज में सकारात्मक सोच और सेवा की भावना लगातार मजबूत हो रही है।

कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नागरिकों ने भी इस अभियान को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कई लोगों ने कहा कि वे पहले नेत्रदान के महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं थे, लेकिन इस आयोजन के माध्यम से उन्हें सही जानकारी मिली और उन्होंने बिना किसी संकोच के संकल्प लिया। कुछ युवाओं ने इसे अपने जीवन का सबसे अच्छा निर्णय बताया।

नेत्रदान अभियान के साथ-साथ यूपी दिवस समारोह में जनकल्याणकारी योजनाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विकास की झलक भी देखने को मिली। लेकिन इन सबके बीच नेत्रदान संकल्प ने आयोजन को एक अलग ऊंचाई प्रदान की। नेत्रदान जैसे विषय पर खुले मंच से बात होना और लोगों का स्वतः आगे आना सामाजिक चेतना के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

कार्यक्रम के अंत में यही भावना उभरकर सामने आई कि उत्तर प्रदेश दिवस समाज को बेहतर बनाने का अवसर भी है। बागपत से उठी यह मानवता की रोशनी आने वाले समय में न जाने कितने जीवनों को नई दृष्टि देगी। यूपी दिवस पर बागपत ने यह साबित कर दिया कि विकास के साथ-साथ संवेदना ही किसी प्रदेश को वास्तव में ‘उत्तम प्रदेश’ बनाती है।

सूचना विभाग बागपत

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