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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 261 जोड़ों का विवाह उत्सव के रूप में हुआ संपन्न

बेटियों की शादी में सरकार बनी सहारा, जरूरतमंदों के लिए वरदान बनी सामूहिक विवाह योजना

जरूरतमंद परिवार करें आवेदन, सरकार दे रही है बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहारा, अब शादी के खर्च की टेंशन ख़त्म

बागपत, 13 नवंबर 2025 – जनपद बागपत का यह दिन इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। चमरावल रोड स्थित इंद्रदेव इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी का परिसर उस समय भावनाओं से भर गया जब मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों ने एक साथ सभी रस्मों रिवाज पूरे कर अपने जीवन का नया अध्याय शुरू किया। कार्यक्रम में कुल 261 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

कार्यक्रम स्थल राजसी अंदाज में सजाया गया था। सफेद और भगवा रंग के टेंटों से सजा परिसर, फूलों की मालाओं से सजे मंडप और मंच, हर दिशा में उल्लास और एकता का वातावरण फैला था। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की जोड़ियाँ एक ही परिसर में विवाह और निकाह के बंधन में बंधीं, जो गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल रही। शहनाई की मधुर धुनों, बैंडबाजे के गीतों और मेहमानों की तालियों के बीच जब नवविवाहित जोड़े मंच पर आए, तो हर किसी की आंखें खुशी से चमक उठीं।

विधायक योगेश धामा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की यह योजना गरीब परिवारों की बेटियों के जीवन में उजाला भर रही है। आज यह विवाह समारोह सरकार के संकल्प को धरातल पर उतरते हुए दिखा रहा है।

छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार शर्मा ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कार्यक्रम के सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि शासन की विभिन्न योजनाएं आज आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि बेटियों और उनके स्वजनों की मुस्कुराहट ही इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने स्वयं पुष्पवर्षा कर नवविवाहित जोड़ियों को शुभकामनाएँ दीं सामूहिक विवाह का पंडाल आकर्षक और भव्य रूप से सजाया गया था जिसने ऐसा लग रहा था कि कोई सामूहिक विवाह नहीं व्यक्तिगत कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है अधिकारियों ने दूल्हा दुल्हन का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं निकाह एवं विवाह समारोह में उपस्थित रहकर स्वयं की देखरेख में सभी रीति रिवाज संपन्न कराए।

इस वर्ष समाज कल्याण विभाग, बागपत ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम के रूप में मनाने का निर्णय लिया। विभाग द्वारा वितरित किए गए विशेष उपहारों का पैकेज बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल रहा। इस बार समाज कल्याण विभाग बागपत द्वारा अतिरिक्त उपहार प्रत्येक नवविवाहिता को गॉदरेज की सिलाई मशीन, बजाज मिक्सचर ग्राइंडर, दो ऊनी स्वेटर, एक शॉल, दो तकिए, एक डबल बेड व चादरें अतिरिक्त वितरित की गई, वैनिटी किट, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, डिनर सेट, कुकर, कढाही, चांदी की पायल और बिछिया सहित जीवनोपयोगी सामग्री प्रदान की गई। इन उपहारों का उद्देश्य केवल सुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं में स्वावलंबन और सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देना है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ज्योति शर्मा ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान से प्रेरित है।
खाने में चाउमीन पाव भाजी गोलगप्पे टिक्की पकोड़े कॉफी शाही पनीर छोले मिक्स वेज नान, पूरी रसगुल्ला चावल जलेबी आदि व्यंजन भी दूल्हा दुल्हन में उनके परिजनों के लिए भव्य पंडाल के अंतर्गत राजशाही जैसा कार्यक्रम का सामूहिक आयोजन जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया।
कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से की गई थीं। स्वास्थ्य शिविर और सेल्फी स्टैंड विशेष आकर्षण का केंद्र बने। महिलाओं ने मेहंदी काउंटर पर पारंपरिक रस्में निभाईं। एलसीडी स्क्रीन पर पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हुआ। नगर पालिका द्वारा शुद्ध पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग व्यवस्था की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने शाही अंदाज में बारातियों का स्वागत फूल-मालाओं, पगड़ी और गुलाबजल से किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लोकगीत और मंगलगीतों ने वातावरण को और अधिक भावनात्मक बना दिया।

जैसे ही फेरे और निकाह संपन्न हुए, पुष्पवर्षा और मंगलगीतों के बीच जब 261 डोलियाँ रवाना हुईं, तो हर आंख में गर्व और कृतज्ञता के आँसू थे। यह दिन केवल विवाह का नहीं, बल्कि नारी गरिमा, सामाजिक एकता और आत्मनिर्भरता के उत्सव का दिन बन गया।

जानिए योजना के बारे में:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इस योजना में परिवर्तन करते हुए प्रत्येक विवाह हेतु सहायता राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इसमें से 60 हजार रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में, 25 हजार रुपये मूल्य के उपहार के रूप में और शेष 15 हजार रुपये आयोजन पर व्यय किए जाते हैं। इस योजना के अंतर्गत अब तक हजारों बेटियों को नए जीवन की शुरुआत के लिए आर्थिक और सामाजिक सहारा मिला है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम के उपरांत सभी नव दांपत्य बहुत ही प्रसन्न थे।

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmsvy.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए । जिले के सभी ब्लॉकों और तहसीलों में विशेष शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया। इस बार लक्ष्य से दुगने आवेदन प्राप्त हुए। पात्रता मानदंड के अनुसार वधू की आयु कम से कम 18 वर्ष और वर की 21 वर्ष होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। कन्या अविवाहित, निराश्रित, विधवा या तलाकशुदा हो सकती है। दिव्यांग अभिभावक की पुत्री या दिव्यांग बेटियों को प्राथमिकता दी जाती है।

वर्ष 2018 से अब तक जनपद बागपत में लगभग ढाई हजार शादियाँ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सम्पन्न हो चुकी हैं। इनमें हिंदू, मुस्लिम, दलित, पिछड़े वर्गों और दिव्यांग परिवारों की बेटियाँ शामिल रही हैं। इन शादियों ने सामाजिक समानता, धार्मिक एकता और बेटियों के सम्मान का नया अध्याय लिखा है।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा, एसडीएम अमरचंद वर्मा, डिप्टी कलेक्टर मनीष यादव तथा अधिशासी अधिकारी के.के. भड़ाना उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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