लखनऊ ::- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में करीब एक दर्जन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। इसमें अशोक लीलैंड को लखनऊ में प्लांट लगाने के लिए और अधिक भूमि देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा नगर विकास, आवास, उद्योग और पर्यटन विभाग के भी कई प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। बता दें कि अशोक लीलैंड कंपनी को लखनऊ में फिलहाल 70 एकड़ भूमि दिया गया है, जो पर्याप्त नहीं था। इसलिए कंपनी ने सरकार से और अधिक भूमि देने का अनुरोध किया था। इसके अलावा जेपी समूह को भूमि के बदले दी गई धरोहर राशि को वापस करने संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है। पर्यटन विभाग के भी दो प्रस्ताव कैबिनेट में रखे जाएंगे। वहीं, मथुरा के छाता तहसील में स्थित कोकिलावन शनिधाम मंदिर के सामने यात्री सुविधा केंद्र व पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
यूपी कैबिनेट की बैठक आज, अशोक लीलैंड कंपनी को भूमि देने के साथ कई प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
Bysubhashchand4
Nov 14, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4