मुरादाबाद ::- मूंढापांडे थानाक्षेत्र में रहने वाली महिला का उसके बहनोई ने बाथरूम में मोबाइल लगाकर अश्लील वीडियो बना लिया। इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के समय महिला का पति दुबई था। उसने दुबई से लौटने के बाद आरोपी पर केस दर्ज कराया है। मूंढापांडे के गांव निवासी पीड़ित महिला के पति ने दर्ज कराए केस में बताया कि वह आठ माह पहले दुबई काम करने गया था। घर में उसकी पत्नी और अन्य परिजन रहते हैं। उसकी मौजूदगी में उसका बहनोई उसके घर आता-जाता था। आरोपी बहनोई रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र के गांव में रहता है। आरोप है कि उसने एक दिन बाथरूम में मोबाइल लगा दिया। उसकी पत्नी नहाने गई तो उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इस वीडियो के जरिए उसकी पत्नी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। महिला ने उसकी बात मानने से इन्कार किया तो आरोपी ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आठ माह तक आरोपी पीड़िता को ब्लैकमेल करता रहा। पति दुबई से आया तो पत्नी ने आपबीती सुनाई। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी पर दुष्कर्म और आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है।
बहनोई ने बाथरूम में नहा रही महिला का बनाया अश्लील वीडियो :: फिर आठ महीने तक की मनमानी, विदेश में था पति
Bysubhashchand4
Oct 22, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4