मुरादाबाद ::- बिलारी पुलिस ने मंगलवार को अलेहदादपुर देवा नगला गांव निवासी वीरपाल हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मृतक की पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी आशीष उर्फ अंशु को गिरफ्तार किया लिया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रेम संबंध में रोड़ा बनने पर आशीष ने सुनीता के साथ मिलकर वीरपाल की गला घोटकर हत्या की थी। दरअसल आपको बता दे की अलेहदादपुर देवा गांव के जंगल में धान के खेत में गांव निवासी वीरपाल का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीरपाल की गला घोटकर हत्या करने की पुष्टि हुई। भाई कुंवरपाल की तहरीर पर पुलिस ने वीरपाल की पत्नी सुनीता और उसके प्रेमी आशीष उर्फ अंशु के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों नामजद आरोपी आशीष और सुनीता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूछताछ में सुनीता ने बताया कि उनके और अंशु के खेत आस-पास हैं। चार माह पहले धान की रोपाई के समय अंशु उसके खेत पर आया था। तभी दोनों में जान पहचान के बाद शारीरिक संबंध भी बन गए। सुनीता के अनुसार वह अक्सर अपने पति को शराब पिलाकर खेत पर भेज देती थी और प्रेमी को घर बुलाती थी। कुछ दिन पहले पति ने दोनों को घर में ही आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इससे नाराज होकर पति ने उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस के अनुसार सुनीता ने यह भी बताया कि घटना से कई दिन उसने अंशु से कहा कि वह उसके बिना नहीं रह सकती। पति को ठिकाने नहीं लगाया तब जहर खाकर जान दे देगी। 12 अक्तूबर की सुबह धान की फसल झाड़ने के दौरान जब अंशु को खेत पर बुलाया तो पति वीरपाल ने दोनों को गाली देते हुए अपमानित किया था। उसके बाद दोनों ने यह तय कर लिया था कि जितना जल्दी हो उसे रास्ते से हटाना है। 13 अक्तूबर की रात जब वीरपाल खेत पर सोने गया तो सुनीता के कहने पर अंशु खेत पर पहुंचा। इसके बाद उसने वीरपाल की गला दबाकर हत्या कर दी। वही वीरपाल के हत्यारोपी आशीष ने पुलिस पूछताछ में बताया कि धान की फसल की रोपाई की ठेकेदारी करने के दौरान उसकी सुनीता से हुई मुलाकात प्यार में बदल गई। सुनीता उससे कहने लगी कि अभी तुम्हारी शादी नहीं हुई है और मैं जीवन भर तुम्हारे साथ रहूंगी। यह तभी संभव है जब मेरा पति वीरपाल रास्ते से हट जाए।
शराब पिलाकर पति को भेज देती थी खेत :: फिर प्रेमी को घर बुला लेती थी पत्नी, बाधा बना पति मार डाला
Bysubhashchand4
Oct 15, 2025Related Post
जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation
Aug 31, 2026
subhashchand4