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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक

छुट्टी के समय न लगे जाम, 10 दिनों में कार्ययोजना बनाने के निर्देश

बागपत, 25 सितम्बर 2025 – कलेक्ट्रेट सभागार में आज जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने की, जबकि विधायक योगेश धामा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी अस्मिता लाल, पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय, अधिशासी अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित परिवहन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने बैठक में स्पष्ट कहा कि विद्यालयों की छुट्टी के समय सड़कों पर जाम लगना आम समस्या बन गई है। इस स्थिति से बच्चों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था दोनों प्रभावित होती हैं। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी और यातायात विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करें, जिसमें विद्यालय के आसपास यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग व्यवस्था और पुलिस तैनाती की रूपरेखा हो।

बैठक में यह भी तय किया गया कि बिना फिटनेस और परमिट वाले वाहन किसी भी हालत में स्कूल संचालन के लिए न चलें। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि शिक्षा विभाग एक सप्ताह में सभी विद्यालय वाहनों की फिटनेस जांच सुनिश्चित कराए और केवल वैध कागजात वाले वाहनों को ही अनुमति दी जाए। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने कहा कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों पर विशेष निगरानी रखेगी और दोषी वाहन स्वामियों पर चालान व लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई होगी।

प्रत्येक वाहन की नियमित जाँच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालय वाहन नियमावली के सभी मानकों को पूरा कर रहे हैं। इस संबंध में समय-समय पर स्कूल प्रबंधन को नोटिस एवं दूरभाष पर निर्देश भी जारी किए जाते हैं, ताकि सभी वाहन अपने प्रपत्र वैध कराएं। निर्णय लिया गया कि कोई भी विद्यालय वाहन बिना वैध परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र और बीमा के संचालित नहीं किया जाएगा।

परिवहन विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, जनपद बागपत में कुल 572 स्कूल बसें पंजीकृत हैं, जिनमें से 426 बसें वैध परमिट के अंतर्गत हैं, जबकि 27 वाहनों का परमिट समाप्त हो चुका है और 119 वाहन बिना परमिट संचालित हो रहे हैं। इसी प्रकार कुल 538 वाहन फिटनेस प्राप्त हैं, जबकि 34 वाहन बिना फिटनेस के पाए गए हैं। कार्यालय पोर्टल के अनुसार जिले में कुल 741 वाहन स्कूली वाहन के रूप में दर्ज हैं। इनमें से 164 वाहन मॉडल कंडीशन पूर्ण कर चुके हैं, जिनमें से 97 वाहन अभी भी सक्रिय हैं और संभावना है कि कुछ स्कूल इन वाहनों का संचालन कर रहे हों। इस संबंध में संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, विभाग ने बताया कि अब तक 20 वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया गया है, जबकि 25 वाहनों का पंजीकरण निलंबित किया गया है।

सांसद ने विद्यालय स्तर पर रोड सेफ्टी क्लब के सुचारू संचालन पर जोर दिया, ताकि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से ही सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि बच्चों में जागरूकता आएगी तो वे घर और समाज में भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करेंगे। सांसद ने यह भी निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए और वहां चलने वाले वाहनों की फिटनेस व पंजीकरण की जांच की जाए। सांसद ने कहा कि इस समिति की अगली बैठक 10 दिन बाद आयोजित की जाएगी, जिसमें अधिकारियों की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो संबंधित विभागीय अधिकारी और वाहन स्वामी दोनों पर सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में गुड सेमेरिटन योजना को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों की तत्काल मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित किया जा सके। सांसद ने कहा कि “बच्चों की सुरक्षा और सड़क पर चलने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस जिम्मेदारी से कोई भी विभाग या संस्था मुंह नहीं मोड़ सकती।”

बैठक में विद्यालय वाहनों के चालकों और कंडक्टरों के कर्तव्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने निर्देशित किया कि सभी चालक और परिचालक ड्यूटी के समय निर्धारित वर्दी पहनें और वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स तथा अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें। विशेष बच्चों की सुरक्षा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

चालकों को बच्चों को समय से सुरक्षित स्कूल तक पहुँचाना होगा और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करना होगा। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग व आपस में अनावश्यक बातचीत पूरी तरह वर्जित होगी। साथ ही, यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक चालक की जिम्मेदारी होगी। साथ ही, यह भी ध्यान रखा जाए कि बस में क्षमता से अधिक बच्चे न बैठें। स्कूल बस चालक और कंडक्टर सड़क सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करें, बस को हमेशा बाईं ओर लेन में खड़ा करें, और बच्चों या दिव्यांगों को चढ़ाते-उतारते समय विशेष सावधानी बरतें। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सभी अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु जागरूकता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व पंकज वर्मा, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राघवेंद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

सूचना विभाग बागपत

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