Boabet: Den ultimate casinoopplevelsen i Norge
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सिख धर्म हिन्दू धर्म का अंग नहीं है!!:- गिआनी दित्त सिंघ
💎💎 महानायक गिआनी दित्त सिंघ का सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक योगदान यह था कि सिख धर्म एक स्वतंत्र, विशिष्ट और पूर्ण धार्मिक परंपरा है—इसे “हिन्दू धर्म का अंग” मानना ऐतिहासिक और…
गर्व से कहो हम हिन्दू हैं कहने वाले शूद्रों ! Viral
केवल एक फायदा बता दो हिन्दुत्व पर गर्व करने से 85% वाले शूद्र समाज को मिला हो या मिलने की संभावना हो ?हिन्दू धर्म तुम्हारे द्वार पर बँधी उस गाय…
आँचल के नेतृत्व में रेतवा में निःशुल्क मोस्ट पाठशाला का हुआ उद्घाटन
समाज की उन्नति के लिए सर्वाधिक जोर बुनियादी शिक्षा पर दिया जाना चाहिए : श्यामलाल सुलतानपुर। बीते मंगलवार को देर सायं विकास खण्ड पी.पी. कमैचा के साढ़ापुर (रेतवा) में निःशुल्क…
क्रोध एक भयंकर शत्रु।रवि शास्त्री।आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के द्वारा जून माह में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर के लिए शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल ढिकोली में पहुंचकर एकदिवसीय सेमिनार में सभा मंत्री रवि शास्त्री ने बच्चों को शिविर में आने का आह्वान किया
क्रोध एक भयंकर शत्रु।रवि शास्त्री।आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के द्वारा जून माह में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर के लिए शिव…
मैं सना चौधरी, 💐
आपकी बेटी और आपकी बहन, पिछले कुछ दिनों से गांव में गैस एजेंसी से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंची। वहां लोगों से…
दूरदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद टीएन प्रथापन ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि यह भाषण आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करता है। याचिका में कहा गया है कि सरकारी प्रसारण माध्यमों के जरिए चुनावी माहौल में विपक्ष पर निशाना साधना निष्पक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है। याचिका के अनुसार, 18 अप्रैल की रात प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े घटनाक्रम के तुरंत बाद राष्ट्र को संबोधित किया और अपने भाषण में कई विपक्षी दलों का नाम लेकर आलोचना की। आरोप है कि यह संबोधन दूरदर्शन और संसद टीवी जैसे सरकारी संसाधनों के माध्यम से प्रसारित किया गया, जो पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में हैं, इसलिए इसका उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। कांग्रेस सांसद ने अपनी अर्जी में कहा है कि सक्रिय चुनाव अवधि के दौरान इस तरह का प्रसारण मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है और यह आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करे। गौरतलब है कि यह भाषण उस समय दिया गया था जब महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका था। इस मुद्दे पर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम था और अब यह मामला कानूनी बहस का विषय बन गया है।
दूरदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस सांसद टीएन प्रथापन ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि यह भाषण…
पोज एज ए फ्रेंडएक्ट एज आ स्पाई!!
रॉबर्ट ग्रीनी की किताब पढ़ता हुआ शख्स, पॉवरफुल हो सकता है। लेकिन मित्र, सहयोगी, प्रेमी या किसी का वेल विशर नही हो सकता।●●यह किताब जो सिखाती है, वह 48 नियम…