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रॉबर्ट ग्रीनी की किताब पढ़ता हुआ शख्स, पॉवरफुल हो सकता है। लेकिन मित्र, सहयोगी, प्रेमी या किसी का वेल विशर नही हो सकता।
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यह किताब जो सिखाती है, वह 48 नियम इस तरह है-

1- मालिक से ज्यादा होशियार मत दिखना
2- दोस्त पर भरोसा नहीं, दुश्मनों को यूज करें।
3- इरादे छुपाकर रखो।
4- बात साफ हो जाये, उतना न बताओ।
5- छवि बनाकर रखो, हर कीमत पर बचाओ
6- ड्रामा करो, ध्यान खींचो।
7- काम दूसरों से करवाओ, क्रेडिट खुद लो
8- चारा फेंककर लोगो को अपने दायरे में लाओ।
9- बात बहस नहीं, एक्शन करो, निपटा दो।
10- नाखुश और बदकिस्मत लोगों से दूर रहें।
11- लोगों को अपने पर निर्भर बनाये रखो।
12- सलेक्टिव ईमानदारी और उदारता दिखाओ।
13- मदद मत मांगो, सौदा करो।
14- दोस्त बनकर रहो, जासूसी करते रहो।
15- दुश्मन को पूरी तरह कुचलकर खत्म कर दें।
16- महत्वपूर्ण अवसर पर गायब हो जाएं, इंपोर्टेंस बनेगी। 17- दूसरों को टेटर में रखें। अप्रत्याशित व्यवहार करें।
18- सुरक्षित किले मत बनाएं, अकेलापन खतरनाक है।
19- अपने से वजनी पहलवान से पंगा न लें।
20- किसी से वादा/कमिटमेंट न करें।
21- सामने वाले के सामने मूर्ख दिखे, और फंसा लें।
22– मूर्ख बनकर मूर्ख को फंसाएं
23- सरेंडर का नाटक करें, मौका पाकर हमला करें।
24- अपनी ताकत को केंद्रित रखें, रिसोर्स न बिखराएँ।
25- परफेक्ट दरबारी बनें।
26- खुद को री इन्वेंट् करते रहें।
27- अपने हाथ साफ रखें। गन्दा काम दूसरे से करायें।
28- पर्सनालिटी कल्ट बनायें।
29- एक्शन में हिम्मत और साहस से उतरें।
30- अंत बिंदु तक की प्लानिंग करें।
31 – उपलब्धियों को दिखायें की बड़ा आसान था
32- शत्रु के विकल्प नियंत्रित करें, अपने दिए विकल्प से ही खेलने दे।
33- दूसरों की इच्छाओं से खेलें।
34- कमजोरी तलाश करें, उसी से चूड़ी टाइट करें।
35- खुद को राजसी तरीके से पेश करें, राजा जैसा बर्ताव करें।
36- टाइमिंग की कला में माहिर बनें।
37- जो नहीं मिल सकता, उसे घटिया कहो।
38- नयनाभिराम इवेंट रचो
39- सोचें जैसा चाहें, लेकिन बर्ताव वो सुंदर हो।
40- पानी में बवंडर बनाकर मछली पकड़ें।
41- मुफ्त के माल के ट्रेप दूर रहें।
42- महान व्यक्ति के जूतों में पैर न डालें।
43 – चरवाहे को मार डालो, भेड़ें बिखर जाएंगी।
44- दूसरों के दिल और दिमाग से खेले।
45- नकल (मॉक) करके गुस्सा दिलाएं।
46- बदलाव का उपदेश दें, लेकिन ज्यादा सुधार न करें।
47- कभी बहुत परफेक्ट न दिखें।
48- आकारहीन बनें।
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किताब पॉवरफुल है, प्रैक्टिकल है। पर आप कितना प्रैक्टिकल होना चाहते है, आप पर निर्भर है।

मेरी समझ में यह बेईमान, धोखेबाज, स्वार्थी, क्रूर, ड्रामेबाज, नकली आदमी और असली रोबोट बनाने की किताब है। इसे पढ़ने वालों से सावधान रहिये।

उसे अपनी कीमती चीज- धन, भरोसा, वोट, बिजनेस पार्टनरशिप, या राज्यसभा की सीट कतई मत दीजिये
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आम आदमी पार्टी के मितरों से क्षमा, यह पोस्ट जरा पहले लिखनी चाहिए थी। लेकिन आपको जब से झाड़ू मिली है, कचरा ही बटोर रहे हो।

भाजपा वाले न पढ़ें। तुम्हारे तो गैंग में सबई इसी कैटगरी के हैं। तुम धोखेबाजी में प्राकृतिक प्रतिभा के धनी हो। ये लल्ला किताब पढके तुमको क्या ही धोखा देगा।

खिखिखि!!
😂

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