
क्रोध एक भयंकर शत्रु।
रवि शास्त्री।
आर्य प्रतिनिधि सभा बागपत के द्वारा जून माह में चौधरी केहर सिंह दिव्य पब्लिक स्कूल बड़ौत में आयोजित होने वाले आवासीय संस्कार शिविर के लिए शिव शक्ति इंटरनेशनल स्कूल ढिकोली में पहुंचकर एकदिवसीय सेमिनार में सभा मंत्री रवि शास्त्री ने बच्चों को शिविर में आने का आह्वान करते हुए कहा क्रोध एक भयंकर शत्रु है। यह बहुत विनाशक है। इससे और इसके परिवार वालों से जरा बचकर रहें। जब कोई व्यक्ति आप पर झूठा आरोप लगाए, आपके आदेश निर्देश का पालन न करें, अपनी मनमानी करें। आपकी इच्छा के विरुद्ध काम करें, आपकी किसी प्रकार की हानि करें। अथवा अन्य किसी प्रकार से असभ्यता करें, तब जो आपके मन में उससे बदला लेने की, उसका विनाश करने की इच्छा उत्पन्न होती है, ऐसी इच्छा को क्रोध कहते हैं।
क्रोध की स्थिति में बुद्धि ठीक काम नहीं करती है। क्रोध में व्यक्ति दूसरों पर अन्याय करता है ।अपराधी को मात्रा से अधिक दंड देता है। जब क्रोध आता है तो उसके साथ साथ, उसके परिवार के अन्य सदस्य भी चले आते हैं। हठ, छल, कपट ,धोखा, निंदा, चुगली ,अभिमान इत्यादि। यह सब क्रोध के परिवार के सदस्य हैं। इन सब से बचकर रहें अन्यथा यह आप का विनाश कर देंगे। क्रोध करना अनुचित है। इसलिए क्रोध से बचें। स्वयं सुखी रहे तथा दूसरों को भी सुख देवें। उत्तम रीति से जीवन जीने का यही तरीका है।
महात्मा गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज ढिकोली, एस डी पब्लिक स्कूल सिखेड़ा, संस्कार अकैडमी पिलाना, श्री नेहरू इंटर कॉलेज पिलाना,हरमीटेज पब्लिक स्कूल सिखेड़ा, गोल्डन गेट इंटरनेशनल स्कूल बड़ागांव, आर्य गुरुकुल विद्यापीठ खैला, तेजस इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग खैला, रीगल एकेडमी खट्टा पहलादपुर आदि में जनसंपर्क किया गया।
इस अवसर पर धर्मपाल त्यागी, लखन आर्य, देव मुनि, प्रबंधक कंवरपाल सिंह, प्रधानाचार्य बृज गोपाल, प्रबंधक अनुज सांगवान, डॉक्टर सत्यवीर सिंह,, सुधीर मान, मनीष चौधरी, डॉक्टर कर्मवीर सिंह, श्रीमती मीराआदि का सहयोग रहा।
