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राम मंदिर ट्रस्ट ने दान में मिली 2,800 वस्तुओं का रिकॉर्ड सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि सभी सुरक्षित हैं. ट्रस्ट ने मीडिया के सामने कुछ कीमती वस्तुएं भी प्रदर्शित कीं और कहा कि नकदी चोरी की जांच SIT कर रही है.

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर में दान की गई कीमती वस्तुओं को लेकर उठे सवालों के बीच बड़ा कदम उठाया है. ट्रस्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि मंदिर को प्राप्त सभी 2,800 दान की गई वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. साथ ही, कुछ बहुमूल्य वस्तुओं को मीडिया के सामने प्रदर्शित कर यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी दान की वस्तु के गायब होने का दावा सही नहीं है.

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिन वस्तुओं के गायब होने की चर्चा की जा रही थी, उनका पूरा रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास मौजूद है. उन्होंने सोने की रामायण, भगवान राम की पादुकाएं, एक विशेष हार और काकभुशुंडी की प्रतिमा सहित कई बहुमूल्य वस्तुएं मीडिया के सामने रखीं. उनका कहना था कि ये केवल उदाहरण हैं और मंदिर को मिली हर वस्तु का दस्तावेजी रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है.

दान का रजिस्टर भी दिखाया
प्रेस वार्ता के दौरान ट्रस्ट ने दान का रजिस्टर भी दिखाया, जिसमें करीब 2,800 वस्तुओं का विवरण दर्ज होने का दावा किया गया. अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक दान की गई वस्तु को व्यवस्थित तरीके से सूचीबद्ध किया गया है ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम या विवाद पैदा न हो. ट्रस्ट ने ये भी कहा कि आने वाले समय में दान प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा.

स्वामी गोविंद देव गिरी ने स्पष्ट किया कि दान में मिली वस्तुओं और दानपात्र से नकदी चोरी के मामले को अलग-अलग देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नकदी चोरी की जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रहा है और ट्रस्ट चाहता है कि इस मामले में शामिल हर व्यक्ति को कानून के अनुसार सजा मिले. उनका कहना था कि चोरी चाहे किसी भी तरह की हो, उसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

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