Spread the love

अयोध्या: उन्होंने अपनी लिखित सफाई में साफ कहा है कि न्यासी बनने के बाद से उन्होंने मंदिर के लिए किसी से भी नगद राशि या वस्तु-रूप भेंट स्वीकार नहीं की। गोविंद देव गिरि ने कहा कि उनके पास मंदिर की कोई चेकबुक नहीं है और वे अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता भी नहीं हैं। उनके मुताबिक राम मंदिर की ओर से होने वाला भुगतान कैश में नहीं, बल्कि सीधे बैंक ट्रांसफर के जरिए होता है। सबसे बड़ा खुलासा चढ़ावा काउंटिंग को लेकर है। गोविंद देव गिरि ने कहा है कि रामभक्तों द्वारा हुंडी में चढ़ाए गए चढ़ावे की गिनती वाले क्षेत्र से उनका शुरू से कोई संबंध नहीं रहा। वे पुणे में रहते हैं और कथा-प्रवास में रहते हैं, जबकि चढ़ावा गिनना प्रतिदिन का काम है।
उन्होंने यह भी कहा कि चढ़ावा गिनने की व्यवस्था स्थानीय न्यासी देखते रहे हैं। काउंटिंग का SOP और दिशा-निर्देश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर ही बनाए गए थे, और यह SOP उन्हें पिछले महीने पहली बार दिखाया गया।सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब कोषाध्यक्ष खुद कह रहे हैं कि चढ़ावा काउंटिंग, SOP और बैंक व्यवस्था से उनका कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था, तो फिर असली जिम्मेदारी किन स्थानीय न्यासियों और पदाधिकारियों की थी? साधु संतों ने गोविंद गिरी के इस्तीफे और उनके खिलाफ FIR की मांग की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

मैंने यानी सुभाष चंद्र कश्यप ने पिछले साल इन्हीं दिनों में जिला प्रशासन को आगाह किया था कि गौसपुर गांव के हालात वास्तव में खराब है गौसपुर गांव में तालाब का पानी आसपास के घरों में लगभग 5 फीट ऊपर तक पहुंच जाता है घर का सारा सामान तहस-नस हो जाता है जनजीवन रुक जाता है थम सा जाता है लेकिन जिला प्रशासन बागपत में कोई सबक नहीं लिया नतीजा गौसपुर गांव में एक बालक की बारिश के पानी के भाव में तालाब में पहुंचने और डूब कर मर जाने से मौत हो जाती है क्या जिला प्रशासन में तहसील प्रशासन में अभी तक कोई सबक लिया या नहीं दिया तहसील प्रशासन और जिला प्रशासन को शपथ लेना चाहिए और उसे तालाब की पानी की निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए। और वर्तन बालक के परिवार को कम से कम 10 लख रुपए आर्थिक सहायता तत्काल मिलनी चाहिए जो उसके हक अधिकार हो वह मिलनी चाहिए जिला प्रशासन तहसील प्रशासन सरकार इस पर ध्यान दें आपसे यही प्रार्थना हैअन्यथा की स्थिति में गौसपुर गांव में तालाब में बैठकर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×