
बागपत दिनांक 26 जून 2026,

विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछडा वर्ग आयोग के सदस्यो श्री राम औतार सिंह मा0 अध्यक्ष, श्री एस0पी0 सिंह मा0 सदस्य, श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा मा0 सदस्य आदि का स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अतिथियो को पौधा देकर स्वागत किया और बैठक को शुरू किया।

मा0 अध्यक्ष ने बैठक में आये अधिकारी, गाॅव प्रधान, मा0 प्रमख क्षेत्र पंचायत पिलाना, छपरौली, खेकडा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री सुनील कुमार, काग्रेस जिलाध्यक्ष लव कश्यप, भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष पिछडा वर्ग श्रीओम कश्यप, रणकौशल कौशल ने अपने विचारो एवं सुझावो के बारे में वार्ता की।

सदस्यो ने बैठक में आये लागो से उनके बारे में सुझाव लिये । उन्होने गाॅव के लोगो के पास कितनी जमीन है उन्हे कितनी प्रतिशत आरक्षण दिया जाये या नही दिया जाये और यदि आरक्षण दिया जाये तो कितने प्रतिशत ठीक होगा। यह विचार सभी के समक्ष रखे गये । उन्होने लोगो के व्यक्तिगत जीवन सुधार के बारे में भी बाते की। उन्होने बताया कि गाॅव में कितने प्रतिशत लोगो के पास गाडिया है। कितने प्रतिशत लोग भूमिहीन है और कितने लोगो ने जमीन बेच दी जिससे आज उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है। उन्होन गाॅवो में किन-किन जातियो की संख्या ज्यादा और किन जातियो की संख्या कम है के बारे में पूछा।
उन्होने लोगो में जागरूकता लाने उनके जीवन में सुधार लाने और उनके गलत कार्यो को सही कार्यो में करने के बारे में बताया जिससे उनका जीवन सुखमय हो सके।

पिछडे वर्ग के लोगो की जनसंख्या कितनी है । इनकी आर्थिक स्थिति कैसी है। । इनकी आय का स्रोत क्या है। सरकारी सेवको में कितने प्रतिशत लोग है। इनकी भागीदारी राजनीति मे कितनी है। पिछडी जाति की दशा सुधारने हेतु कोई सुझाव ।

बागपत जनपद विकास भवन में पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में अपने विचार रखते हुए कहा कि
(1) रोहाणी आयोग की शिफारिश को उसके मूल रूप में प्रभावी तौर से लागू किया जाय।
(2) अतिपिछड़े वर्ग के लिए अलग से या हरियाणा के जैसे बीसी-2 जैसे व्यस्था हो
(3) कश्यप समाज की अति दैनिनीय स्थिति को देखते हुए समाज को वर्गीगतकृत कर हिस्सेदारी देनी चाहिए।
(4) सामाजिक आर्थिक एवं राजनैतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करते हुए हमें या तो SC ये OBC में अलग से 10% हिस्सेदारी सुनिश्चित की जय।

सुभाष चंद्र कश्यप पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा ने कहा कि जाट गुर्जर यादव जैसी सक्षम जातियों के होते हुए बाकी 76 ओबीसी जातियों का भला नहीं हो सकता या तो इन सक्षम जातियों को ओबीसी से बाहर किया जाए या बाकी जातियों को। तभी सभी का भला हो सकता है।
