किसी देश की एक कहानी मैंने पढ़ी थी एक व्यक्ति खाना होटल में खाता है लेकिन जितना खाया उसे चार गुना खाना उसने प्लेट में ही बर्बाद कर दिया छोड़ दिया

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उसे होटल का मैनेजर आकर बोला मानते हैं अपने खाने के पैसे का हैं पूरा मूल्य आपने खाने का दिया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खाने को बर्बाद करोगे आपका खाने के ऊपर उसे खाने के ऊपर अधिकार है जो आपके पेट के अंदर चला जाए जिसको आप खा सके छोड़ने का हक आपको नहीं है यह खाना भले ही आपने पैसा दिया हो लेकिन आप खाने को बर्बाद नहीं कर सकते छोड़ नहीं सकते इस खाने को खाइए और खाना पड़ेगा उसे व्यक्ति ने खाना खाने वाले ने माफी मांगी और बड़ी मुश्किल से उसे होटल मैनेजर ने उसको वहां से जाने दिया

हमारे भारत में भी बहुत सारी चीज होती है जिनको अवॉइड करना चाहिए

आस्था के नाम पर मूर्ति पर दूध चढ़ाना सरसों का तेल चढ़ाना जो किसी काम नहीं आता अन्य है खाना है इंसान के लिए है वह बर्बाद नहीं होना चाहिए जिसका संज्ञान बैग पर जनपद की जिलाधिकारी महोदय अस्मितालाल साहब ने भी लिया और dm साहब की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है

बागपत जनपद की जिलाधिकारी अस्मिता लाल साहब ने मंदिर में भगवान भोले पर चढ़ने वाले दूध को एक जगह एकत्र कर जानवरों को पिलाया उसे दूध को बर्बाद नहीं होने दिया जिसकी प्रशंसा बागपत जनपद के लोगों ने प्रदेश के लोगों के साथ देश-विदेश के लोगों ने भी की

उन खाना इंसान का हक है और यह किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है यह सब की जागीर है बागपत जिला अधिकारी महोदय अस्मिता लाल साहब से प्रेरणा लेकर खाने की वस्तुओं को बचना चाहिए।

किसी भी धर्म का भगवान देवी देवता पूजनीय यह नहीं कहता कि
सरसों का तेल या खाने पीने की चीज दूध दही उसे पर अर्पण करें।

निवेदक
सुभाष चंद् कश्यप
9837749557

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