घटना रायपुर की है, पत्नी और बेटी को रील बनाने की लत लगी थी और वो वायरल होने के चक्कर में अपने मर्यादा, अपने संस्कार उतारते जा रही थी कपड़ों के साथ।
उनके रोज छोटे होते कपड़े देखकर पति/पिता परेशान रहने लगा, बार बार पत्नी और बेटी को मना करता कि ऐसे कपड़े पहन कर रील मत बनाओ, मत अपलोड करो। पढ़ाई लिखाई पर ध्यान दो, करियर बनाओ।


और ये बात पत्नी और बेटी को इतनी नागवार गुजरी कि उन सबने मिल कर उस आदमी को ही पत्नी और बेटियों ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। शातिरपना इतना कि 6 महीने तक किसी को भनक ही नहीं लगी कि हत्या अपनी ही पत्नी और बेटी ने की है।
क्या हो गया है लोगों को, मतलब अब गलत करने पर टोकने से जान गंवानी पर सकती है, अपनी ही पत्नी/बेटी के हाथों। इज्जत के साथ जीने की सलाह देना इतना बुरा है कि जिंदगी से हाथ धोनी पर जाए। विषय विचारणीय है, खासकर मांओं के लिए कि वो अपनी बेटियों को कहां और कैसे देखना चाहती हैं, यदि मां ही संभाल लेती तो पिता को तो इन सबमें पड़ने की आवश्यकता ही नहीं होती।
दुख हो रहा कि एक भला व्यक्ति अपने ही पत्नी और बेटियों द्वारा बेमौत मारा गया 🥹🥹
