दोस्तो 17 अगस्त 26 दिन सोमबार उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का आंदोलन अब PACL निमवल साइप्रसाद निमवस साईराम वाइवुड सहारा प्रोग्रीम कल्पतरू KBCL जैसी देश की तमाम कम्पनीयों के निवेशकों का पैसा व्याज सहित मिलेगा, दोस्तो इस बार लोकसभा में जनसंख्या के आधार पर मोदीजी नें सांसदों की संख्या 543 से बड़ा कर 850 करने की त्यारी की भले ही यह विल संसद में गिर गया लेकिन अब जनसंख्या के आधार पर देश के सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारीयों की संख्या में बड़ोत्तरी होगी, दोस्तो पहले से ही देश के तमाम बिभागों में कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं उनको तुरंत भरा जायेगा उसके बाद जनसंख्या के आधार पर भी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी इससे बड़ी संख्या में देश के युवाओं की वेरोजगारी समाप्त होगीदोस्तो अब जनता के ऊपर महंगाई का वोझ बढ़ेगा तो उसी अनुपात में जनता की आय का श्रोत भी बढ़ेगा, दोस्तो 17 अगस्त 26 दिन सोमवार को उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का आंदोलन शुरू हो रहा है इस आंदोलन से मोदी सरकार अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति महोदया को दे देगी या फिर कांग्रेस का यह जनआंदोलन जब दिल्ली में प्रवेश करेगा उससे पहले ही मोदी सरकार त्यागपत्र दे देगी, दोस्तो मोदीजी 1 नेशन और 1 इलेक्शन की बात करते हैं कांग्रेस के इस आंदोलन के बाद देश के सभी प्रदेशों की सरकारों को वर्खास्त करके देश में एक इलेक्शन कराया जायेगादोस्तो यह कांग्रेस का आंदोलन शुरू हो रहा है कांग्रेस के इस आंदोलन का नेतृत्व भले ही हम कांग्रेस के निचले स्तर का कार्यकर्ता ( विनोद साथी ) करेगा लेकिन कांग्रेस के इस आंदोलन में कांग्रेस के सभी पदाधिकारी भाग लेंगे इस बार किसी प्रकार की लापरवाही वरदास्त नहीं की जाएगी, क्योंकी हमनें देखा है जब कांग्रेस के बड़े बड़े पदाधिकारीयों को पता चलता है कि कांग्रेस के इस आंदोलन का नेतृत्व एक आम कोंग्रेसी कर रहा है तो कोंग्रेसी पदाधिकारीयों की पोजीशन खराब हो जाती है हम कांग्रेस के इस आंदोलन के शुरू होंने से पहले कोंग्रेसी के सभी पदाधिकारीयों से कहते हैं अब देश में मोदी सरकार को जितना जल्दी हो सत्ता से बाहर करना होगा इस पर अपनी राय जरूर दें, जब मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करना ही है तो मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन शुरू करना ही होगा अगर कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं को कांग्रेस के इस आंदोलन में शामिल होंने में इसलिए शर्म आती है कि इस आंदोलन का नेतृत्व एक आम कोंग्रेसी कर रहा है तो आपमें से कोई बड़ा पदाधिकारी मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन शुरू करेदोस्तो 17 अगस्त 26 को उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा कांग्रेस का आंदोलन उससे पहले प्रत्येक माह की 25 तारीख को संभल कलेक्ट्रेट पर साउंड सिस्टम लगा कर देश के शासन और प्रशासन को मोदी सरकार के विरुद्ध शुरू होंने जा रहा, कांग्रेस के आंदोलन की जानकारी दी जाएगी, धन्यवाद, आपका अपना विनोद साथीजिला उपाध्यक्षसंभल कांग्रेस उ.प्र.जिला संयोजकठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार, संभल 8791674785 9720026990 जय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

subhashchand4

Bysubhashchand4

Apr 21, 2026
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दोस्तो 17 अगस्त 26 दिन सोमबार उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का आंदोलन अब PACL निमवल साइप्रसाद निमवस साईराम वाइवुड सहारा प्रोग्रीम कल्पतरू KBCL जैसी देश की तमाम कम्पनीयों के निवेशकों का पैसा व्याज सहित मिलेगा
दोस्तो इस बार लोकसभा में जनसंख्या के आधार पर मोदीजी नें सांसदों की संख्या 543 से बड़ा कर 850 करने की त्यारी की भले ही यह विल संसद में गिर गया लेकिन अब जनसंख्या के आधार पर देश के सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों और अधिकारीयों की संख्या में बड़ोत्तरी होगी
दोस्तो पहले से ही देश के तमाम बिभागों में कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हैं उनको तुरंत भरा जायेगा उसके बाद जनसंख्या के आधार पर भी कर्मचारियों की नियुक्ति होगी इससे बड़ी संख्या में देश के युवाओं की वेरोजगारी समाप्त होगी
दोस्तो अब जनता के ऊपर महंगाई का वोझ बढ़ेगा तो उसी अनुपात में जनता की आय का श्रोत भी बढ़ेगा
दोस्तो 17 अगस्त 26 दिन सोमवार को उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से मोदी सरकार के विरुद्ध कांग्रेस का आंदोलन शुरू हो रहा है इस आंदोलन से मोदी सरकार अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति महोदया को दे देगी या फिर कांग्रेस का यह जनआंदोलन जब दिल्ली में प्रवेश करेगा उससे पहले ही मोदी सरकार त्यागपत्र दे देगी
दोस्तो मोदीजी 1 नेशन और 1 इलेक्शन की बात करते हैं कांग्रेस के इस आंदोलन के बाद देश के सभी प्रदेशों की सरकारों को वर्खास्त करके देश में एक इलेक्शन कराया जायेगा
दोस्तो यह कांग्रेस का आंदोलन शुरू हो रहा है कांग्रेस के इस आंदोलन का नेतृत्व भले ही हम कांग्रेस के निचले स्तर का कार्यकर्ता ( विनोद साथी ) करेगा लेकिन कांग्रेस के इस आंदोलन में कांग्रेस के सभी पदाधिकारी भाग लेंगे इस बार किसी प्रकार की लापरवाही वरदास्त नहीं की जाएगी
क्योंकी हमनें देखा है जब कांग्रेस के बड़े बड़े पदाधिकारीयों को पता चलता है कि कांग्रेस के इस आंदोलन का नेतृत्व एक आम कोंग्रेसी कर रहा है तो कोंग्रेसी पदाधिकारीयों की पोजीशन खराब हो जाती है हम कांग्रेस के इस आंदोलन के शुरू होंने से पहले कोंग्रेसी के सभी पदाधिकारीयों से कहते हैं अब देश में मोदी सरकार को जितना जल्दी हो सत्ता से बाहर करना होगा इस पर अपनी राय जरूर दें
जब मोदी सरकार को सत्ता से बाहर करना ही है तो मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन शुरू करना ही होगा अगर कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं को कांग्रेस के इस आंदोलन में शामिल होंने में इसलिए शर्म आती है कि इस आंदोलन का नेतृत्व एक आम कोंग्रेसी कर रहा है तो आपमें से कोई बड़ा पदाधिकारी मोदी सरकार के विरुद्ध आंदोलन शुरू करे
दोस्तो 17 अगस्त 26 को उ.प्र. के संभल कलेक्ट्रेट से शुरू होगा कांग्रेस का आंदोलन उससे पहले प्रत्येक माह की 25 तारीख को संभल कलेक्ट्रेट पर साउंड सिस्टम लगा कर देश के शासन और प्रशासन को मोदी सरकार के विरुद्ध शुरू होंने जा रहा कांग्रेस के आंदोलन की जानकारी दी जाएगी
धन्यवाद
आपका अपना विनोद साथी
जिला उपाध्यक्ष
संभल कांग्रेस उ.प्र.
जिला संयोजक
ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार
संभल
8791674785 9720026990 w
जय हिन्द जय भारत जय कांग्रेस

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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