बागपत ::- मेरठ-बागपत-सोनीपत नेशनल हाईवे किनारे स्थित गौरीपुर गांव में लोगों के सैर सपाटे के लिए बनवाया गया नंदन कानन पार्क करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद खंडहर बना हुआ है। लोगों के सैर-सपाटे के लिए वर्ष 2005 में बने इस पार्क की हालत सुधारने के लिए छह महीने पहले दो करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था। मगर छह माह बीत जाने के बाद भी आधे पार्क का काम भी पूरा नहीं हो सका है। इसकी बदहाली दूर करने के लिए वर्ष 2012 में सफाई व अन्य छोटे कार्य कराए गए। इस पर ज्यादा रुपये वर्ष 2017-18 में जिला पंचायत से खर्च कराए गए। तब राज्य वित्त आयोग निधि से करीब 37 लाख रुपये से इसकी हालत सुधारी गई, लेकिन रख-रखाव नहीं करने के कारण पार्क की हालत फिर से खराब हो गई। वर्ष 2021 में भी जिला पंचायत को सफाई कराने के निर्देश दिए थे और केवल सफाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी इसको इस्तेमाल नहीं किया गया। हर बार पार्क पर काफी बजट खर्च किया जाता है, उसके बाद खंडहर बनने के लिए छोड़ दिया जाता है। अब इसका दोबारा से छह महीने पहले कार्य शुरू कराया गया। सितंबर 2025 में बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण से दो करोड़ रुपये का ठेका इसकी हालत सुधारने के लिए दिया गया। अब स्थिति यह है कि इसका काम करने वाले ठेकेदार ने छह महीने में आधे पार्क को भी ठीक किया है। इस तरह लग रहा है कि अभी कई महीनों तक यह कार्य पूरा होने वाला नहीं है। वहीं अधिकारी भी कार्य जल्द कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही हाल रहा तो नंदन कानन पार्क में करोड़ाें रुपये खर्च करने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिलेगा।