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लखनऊ ::- यूपी के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 नई सड़कें बनेंगी। इनकी लंबाई डेढ़ से दो किलोमीटर तक होगी। पीडब्ल्यूडी ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इस पर गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ की मुहर लग सकती है। मानसून सीजन के बाद युद्धस्तर पर ये काम शुरू किए जाएंगे। पीडब्ल्यूडी ने विधानसभा क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार की है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चल रहे चालू कार्यों, नए कार्यों और छोटे पुलों पर कुल 50-55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चालू वित्त वर्ष में पीडब्ल्यूडी का बजट करीब 33000 करोड़ रुपये है। इसकी 40 प्रतिशत राशि चालू कार्यों पर खर्च होगी, जबकि 60 प्रतिशत राशि से नए काम होंगे। 5 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े काम 18-24 माह में पूरे होंगे, वहीं उससे कम राशि के काम इसी वित्त वर्ष में पूरे करने होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 5 करोड़ रुपये तक की लागत के तीन माइनर ब्रिज (छोटी पुलिया) बनाए जाएंगे। अगर इतनी राशि में तीन से ज्यादा माइनर ब्रिज बनाना संभव होगा, तो वैसा किया जाएगा। इसी तरह से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण पर 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। ग्रामीण सड़कों पर प्रति किलोमीटर 50-55 लाख रुपये की लागत आती है। इतनी राशि से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 18-20 किमी तक सड़कें बन सकेंगी। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ने विधानसभा क्षेत्रवार कार्ययोजना के प्रस्ताव तैयार कर लिए हैं। प्रदेश में नए कामों पर करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नियमानुसार, इसके तीन गुना राशि तक के प्रस्ताव तैयार किए जा सकते हैं। करीब 45 हजार करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं।

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