बागपत 16 मार्च 2026—जनपद बागपत में नागरिकों को आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं संगठित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 7 दिवसीय नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ आज 16 मार्च 2026 को बाबू कामता प्रसाद जैन महाविद्यालय, निकट ग्राम शाहपुर बड़ौली, दिल्ली–सहारनपुर रोड, जनपद बागपत में किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 मार्च 2026 (अवकाश छोड़कर) तक आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा, उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी/कंट्रोलर नागरिक सुरक्षा, बागपत के निर्देशानुसार किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ उप जिलाधिकारी/उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, बागपत श्री मनीष यादव द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 8वीं बटालियन, गाजियाबाद की 10 सदस्यीय टीम द्वारा उप निरीक्षक श्री रमाकांत पाण्डेय के नेतृत्व में प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। इस अवसर पर आपदा विशेषज्ञ श्री अश्वनी तथा मास्टर ट्रेनर, नागरिक सुरक्षा मेरठ श्री पुनीश कुमार भी उपस्थित रहे तथा उन्होंने प्रशिक्षण के विभिन्न आयामों पर स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी, त्वरित एवं संगठित नागरिक प्रतिक्रिया के लिए सक्षम बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा की मूल अवधारणा, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, खोज एवं बचाव तथा प्राथमिक उपचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा का इतिहास, उद्देश्य एवं आवश्यकता, आधुनिक युद्ध की परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका तथा आपदा के समय स्वयंसेवकों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंतर्गत फायर साइंस एवं अग्निशमन से संबंधित विषयों पर भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें अग्नि त्रिकोण, दहन की प्रक्रिया, आग बुझाने की विधियां, आग के कारण एवं रोकथाम, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग, फायर होज तथा अन्य अग्निशमन उपकरणों के संचालन की जानकारी शामिल है।
इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों को आपदा के समय खोज एवं बचाव (Search & Rescue) की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें ढही हुई इमारतों में खोज एवं बचाव की प्रक्रिया, क्षतिग्रस्त भवनों में प्रवेश करते समय सावधानियां, मलबा हटाने की तकनीक तथा फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने के तरीकों का अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राथमिक उपचार एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों जैसे सीपीआर (CPR), कृत्रिम श्वसन, चोट एवं रक्तस्राव की स्थिति में प्राथमिक उपचार, फ्रैक्चर, जलने की घटनाओं, स्ट्रोक एवं हार्ट अटैक की स्थिति में त्वरित सहायता तथा घायलों को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित करने के उपायों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नागरिकों को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा एवं सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से तैयार स्वयंसेवक भविष्य में आपदा अथवा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन की सहायता करते हुए जन-धन की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूपी सरकार के राज्य युवा पुरस्कार विजेता युवा अमन कुमार ने भी युवाओं के संग स्वयंसेवा और सामाजिक कार्यों के अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि संकट की घड़ी में समाज के लिए आगे आना ही सच्ची नागरिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कांवड़ यात्रा के लिए विकसित किए गए एप का उदाहरण देते हुए बताया कि तकनीक और सेवा भावना मिलकर समाज के लिए बड़े बदलाव ला सकती है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से अखबार पढ़ने, समाज की समस्याओं को समझने और माय भारत से जुड़कर स्वयंसेवी गतिविधियों में भाग लेने का आह्वान किया।
सूचना विभाग बागपत