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रोशनी बांटने का संकल्प: संपूर्ण समाधान दिवस में 25 नागरिक बने नेत्रदान जागरूकता के राही

बागपत में एक शिविर ने बदल दी लोगों की सोच, बढ़े नेत्रदान के कदम

ये आंखें कभी बंद नहीं होंगी—क्योंकि ये किसी और की दुनिया रोशन करेंगी।

बागपत, 06 दिसंबर 2025 —खेकड़ा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार सामान्य शिकायत निस्तारण से आगे बढ़कर समाज को जागरूक करने का माध्यम बना। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए नेत्र दान शिविर एवं निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन कैंप ने लोगों में नई सोच और जागरूकता का संचार किया। शिविर में पहुंचे नागरिकों ने जहां अपनी आंखों की जांच और उपचार कराया, वहीं 25 लोगों ने नेत्र दान के संकल्प पत्र भरकर समाज सेवा की मिसाल पेश की। हाल ही में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने भी स्वयं नेत्रदान का संकल्प लिया था जिसे इंटरनेट मीडिया पर खूब साझा कर लाखों लोगों तक नेत्रदान जागरूकता का संदेश पहुंचा था।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल का मानना है कि मृत्यु के बाद दान की गई आंखें दो व्यक्तियों की जिंदगी में रोशनी भर सकती हैं और प्रशासन का उद्देश्य है कि इस मानवीय पहल के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उन सभी को विस्तार से जानकारी दी, जो नेत्रदान को लेकर संकोच में थे। इस सीधी बातचीत ने कई लोगों को प्रेरित किया और परिणाम स्वरूप 25 संकल्प पत्र भरे गए।

शिविर में निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन की व्यवस्था ने भी जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत दी। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं रही। डॉक्टरों की टीम ने अनेक मरीजों की जांच की और जिनके ऑपरेशन की आवश्यकता थी, उन्हें तुरंत सूचीबद्ध कर निःशुल्क उपचार का भरोसा दिया।

भारत में हर साल लाखों लोग अंधत्व का शिकार होते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या कॉर्नियल ब्लाइंडनेस से प्रभावित होती है—जिसका उपचार केवल आंख प्रत्यारोपण है। ऐसे में नेत्रदान एक ऐसा दान है जो किसी की मृत्यु के बाद किसी अन्य के जीवन में प्रकाश भर सकता है। नेत्रदान निस्वार्थ सेवा का श्रेष्ठ रूप है। यह न तो दान करने वाले के परिवार पर कोई आर्थिक भार डालता है और न ही किसी धार्मिक मान्यता के विपरीत है। बल्कि कई सामाजिक और धार्मिक विचारधाराएं इसे मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य मानती हैं।

नेत्रदान को आगे बढ़ाने के लिए जागरूकता सबसे अहम है। खेकड़ा तहसील में 25 संकल्प पत्रों का भरा जाना एक सकारात्मक संदेश देता है—कि समाज बदल रहा है, सोच बदल रही है और लोग जिम्मेदारी समझते हुए आगे आ रहे हैं। खेकड़ा में आयोजित यह शिविर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता तथा समन्वित प्रयासों का उत्तम उदाहरण बना।

सूचना विभाग बागपत

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