जहानाबाद विधानसभा में इस बार एन डी ए गठबंधन के उम्मीदवार माननीय पूर्व सांसद श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के पक्ष में लहर चल रही है । इस बार भारी मतों से जहानाबाद से चुनाव जीतकर श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी विधानसभा पहुंचेंगे। श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के साथ चुनाव प्रचार में आज जहानाबाद के पश्चिमी श्रेत्र के ग्राम आदमपुर, धन्धरविगहा, बदहर, परशुरामपुर, तिलंगियाचक, खिदरपुरा, धुरिया, मसुरचक, शिवाविगहा, शुरुंगापुर, भवानीचक,बलवा, औदानचक, शंकरगंज आदि गांवों में माननीय चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के साथ रहकर प्रचार-प्रसार में भाग लिया। चुनाव प्रचार के दौरान मैंने महसूस किया कि इस बार लोगों में काफी उत्साह है। प्रत्येक जाति और धर्म के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जिस प्रकार लोगों में उत्साह है उससे लगता है कि तीस हजार से अधिक मतों से चुनाव जीतेंगे। सभी चंद्रवंशी और अतिपिछड़ा भाइयों से केवल यही अनुरोध है कि अपना एक एक मत को बुथ पर ध्यान देकर मतदाता को मतदान केंद्र पर ले जाकर दिलवाने का संकल्प लें। यह चुनाव चंद्रवंशियों और अतिपिछड़ों , पिछड़ो के खनन बान शान की लड़ाई है। और सबसे बड़ी बात यह की सुंदर और सुनहरा मौका मिला है। यह मौका हमें किसी कीमत पर नहीं गंवाना है। वोट हल जाति का मिल रहा है, परंतु हम सबों की जिम्मेदारी अधिक है। आपका अखिलेश कुमार चंद्रवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष, चंद्रवंशी चेतना मंच, बिहार।

subhashchand4

Bysubhashchand4

Oct 25, 2025
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जहानाबाद विधानसभा में इस बार एन डी ए गठबंधन के उम्मीदवार माननीय पूर्व सांसद श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के पक्ष में लहर चल रही है । इस बार भारी मतों से जहानाबाद से चुनाव जीतकर श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी विधानसभा पहुंचेंगे। श्री चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के साथ चुनाव प्रचार में आज जहानाबाद के पश्चिमी श्रेत्र के ग्राम आदमपुर, धन्धरविगहा, बदहर, परशुरामपुर, तिलंगियाचक, खिदरपुरा, धुरिया, मसुरचक, शिवाविगहा, शुरुंगापुर, भवानीचक,बलवा, औदानचक, शंकरगंज आदि गांवों में माननीय चंदेशवर प्रसाद चंद्रवंशी जी के साथ रहकर प्रचार-प्रसार में भाग लिया। चुनाव प्रचार के दौरान मैंने महसूस किया कि इस बार लोगों में काफी उत्साह है। प्रत्येक जाति और धर्म के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। जिस प्रकार लोगों में उत्साह है उससे लगता है कि तीस हजार से अधिक मतों से चुनाव जीतेंगे। सभी चंद्रवंशी और अतिपिछड़ा भाइयों से केवल यही अनुरोध है कि अपना एक एक मत को बुथ पर ध्यान देकर मतदाता को मतदान केंद्र पर ले जाकर दिलवाने का संकल्प लें। यह चुनाव चंद्रवंशियों और अतिपिछड़ों , पिछड़ो के खनन बान शान की लड़ाई है। और सबसे बड़ी बात यह की सुंदर और सुनहरा मौका मिला है। यह मौका हमें किसी कीमत पर नहीं गंवाना है। वोट हल जाति का मिल रहा है, परंतु हम सबों की जिम्मेदारी अधिक है। आपका अखिलेश कुमार चंद्रवंशी, प्रदेश उपाध्यक्ष, चंद्रवंशी चेतना मंच, बिहार।

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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