राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में जनपद के पात्र 28 हजार 810 बुजुर्गों के खाते में पहुंची तीन महीने की 3,000 पेंशन
बागपत दिनांक 16 सितंबर 2026 — उम्र बढ़ने के साथ जब कमाई के रास्ते धीरे-धीरे कम होने लगते हैं, तब घर के छोटे-बड़े खर्च भी चिंता का कारण बन जाते हैं। दवा हो या रोजमर्रा की जरूरत, हर खर्च के लिए दूसरों की ओर देखना आसान नहीं होता। ऐसे समय में सरकार की नियमित पेंशन बुजुर्गों के लिए अपने जरूरी खर्च पूरे करने और सम्मानजनक जीवन यापन का एक भरोसेमंद सहारा बन रही है। जनपद के 28 हजार 810 से अधिक बुजुर्गों को यह लाभ मिल रहा है जिनके खातों में पेंशन आना शुरू हो गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम चौहान ने बताया कि राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही की पेंशन राशि जनपद के पात्र लाभार्थियों को जारी कर दी गई है। तीन महीने की एक साथ 3000 रुपये की राशि मिलने से बुजुर्गों को तत्काल आर्थिक सहारा मिल रहा है।
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को हर माह 1000 रुपये दिए जाते हैं। यानी सालभर में पात्र लाभार्थी को 12 हजार रुपये की सहायता मिलती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पेंशन प्राप्त कर रहे और सत्यापन में पात्र पाए गए पेंशनरों को वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का भुगतान शासनादेश में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार किया गया है।
इस पेंशन के पीछे केंद्र और प्रदेश सरकार की साझा व्यवस्था भी है। भारत सरकार के निर्धारित लक्ष्य के तहत 60 से 79 वर्ष आयु के लाभार्थियों को हर माह 200 रुपये केंद्रांश और 800 रुपये राज्यांश मिलता है। पहली तिमाही में केंद्रांश के 600 रुपये और राज्यांश के 2400 रुपये मिलाकर प्रत्येक पात्र लाभार्थी को कुल 3000 रुपये दिए गए हैं।
80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार की हिस्सेदारी बराबर है। इस आयु वर्ग को हर माह 500 रुपये केंद्रांश और 500 रुपये राज्यांश मिलता है। तीन महीने की पहली किस्त में दोनों हिस्सों के 1500-1500 रुपये मिलाकर कुल 3000 रुपये का भुगतान किया गया है। यानी उम्र के इस संवेदनशील पड़ाव पर भी पेंशन की राशि में कोई कमी नहीं रहती।
योजना का दायरा भारत सरकार के निर्धारित लक्ष्य तक सीमित नहीं है। लक्ष्य से अतिरिक्त पात्र पेंशनरों को प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से पेंशन का पूरा लाभ दे रही है। ऐसे लाभार्थियों को हर माह 1000 रुपये की पूरी राशि राज्यांश के रूप में मिलती है। पहली तिमाही के लिए उन्हें भी 3000 रुपये की राशि प्रदान की गई है। इससे पात्र बुजुर्गों को योजना के लाभ से जोड़ने में प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय जिम्मेदारी उठाई जा रही है।
पेंशन की यह राशि बुजुर्गों के लिए कई छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने का जरिया बनती है। रोजमर्रा का सामान खरीदना हो, दवा का खर्च निकालना हो या घर के किसी जरूरी काम में सहयोग करना हो, नियमित आर्थिक सहायता उन्हें हर छोटी जरूरत के लिए परिवार पर निर्भरता कम करने में मदद करती है। खासकर ऐसे परिवारों में जहां बुजुर्ग की अपनी नियमित आय नहीं है, वहां हर महीने मिलने वाली पेंशन घरेलू बजट को संभालने में भी मददगार बनती है।
राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना इसी सोच के साथ सामाजिक सुरक्षा को जमीन तक पहुंचाने का माध्यम बनी है। पात्र वृद्धजनों को नियमित आर्थिक सहायता देकर योजना उन्हें सम्मान के साथ अपनी जरूरतों का प्रबंध करने का अवसर देती है। 2026-27 की पहली तिमाही की राशि जारी होने के साथ सरकार ने नए वित्तीय वर्ष में भी पात्र बुजुर्गों के लिए आर्थिक सहायता की यह निरंतरता बनाए रखी है।
सूचना विभाग बागपत