बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने वाली कार्यकत्रियों को 12 हजार और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये मानदेय; साड़ी और 5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य कवर की भी सौगात
श्रीराम की जन्मभूमि से मा. मुख्यमंत्री की घोषणा का बागपत में सजीव प्रसारण, मानदेय वृद्धि सुनते ही सभागार तालियों से गूंजा; कार्यकत्रियों-सहायिकाओं के चेहरों पर दिखी खुशी
जिले में 1,338 आंगनबाड़ी केंद्रों से करीब 1.05 लाख लाभार्थियों तक पहुंच रही बाल विकास की सेवाएं
बागपत, 8 सितंबर 2026 —- नए उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के सम्मान को सुविधा, आर्थिक संबल और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ते हुए बाल विकास की जमीनी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और परिवारों तक सरकार की योजनाओं की पहुंच बनाने वाली आंगनबाड़ी बहनों के लिए मानदेय में बढ़ोतरी के साथ साड़ी और स्वास्थ्य सुरक्षा की सौगात ने उनके सम्मान को नई मजबूती दी है।
अयोध्या में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने कार्यकत्रियों के मानदेय में 4 हजार रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 2 हजार रुपये की वृद्धि की घोषणा की, सभागार तालियों से गूंज उठा। घोषणा के बाद मौजूद कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। लंबे समय से बच्चों और परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में जुटी इन महिलाओं के लिए यह सम्मान उनके मनोबल में नई बढ़ोतरी लेकर आया।
अब आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 12 हजार रुपये और सहायिकाओं को 6 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। यह निर्णय प्रदेश की करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 1.39 लाख सहायिकाओं के परिवारों को सीधे प्रभावित करेगा। मानदेय में बढ़ोतरी से प्रदेश के 3.25 लाख से अधिक परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। सरकार की ओर से मानदेय बढ़ाने का संदेश यही है कि बच्चों और माताओं के पोषण की जिम्मेदारी निभाने वाली जमीनी कार्यशक्ति को सम्मान के साथ आर्थिक मजबूती भी दी जाए।
इसी क्रम में वर्ष 2026-27 में प्रदेश की 2,91,162 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को साड़ी की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए कुल 2,91,62,100 रुपये की धनराशि दी जा रही है। अतिरिक्त साड़ी ड्रेस के लिए मिलने वाली 500 रुपये की सुविधा से कार्यकत्रियों को कार्यस्थल पर एकरूपता और गरिमापूर्ण पहचान मिलेगी। कार्यक्रम में साड़ी वितरण ने इस सम्मान को और आत्मीय बना दिया। एक ओर अयोध्या से मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लाइव चल रहा था, दूसरी ओर बागपत में आंगनबाड़ी बहनों को स्थानीय स्तर पर सम्मान और सौगात दी जा रही थी।
आंगनबाड़ी परिवार की सामाजिक सुरक्षा को भी नई मजबूती दी गई है। कार्यकत्रियों और उनके परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य कवर की सुविधा का लाभ मिलेगा। मानदेय में बढ़ोतरी, साड़ी के लिए आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा—ये तीनों सुविधाएं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए सम्मान के साथ भविष्य की सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करती हैं।
मा. मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की घर-घर पहुंच को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल शिक्षा और सरकारी योजनाओं की जानकारी से जोड़कर सेवाओं को और प्रभावी बनाने का लक्ष्य है। गांव से शहर तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां परिवारों के सीधे संपर्क में रहती हैं, ऐसे में उनके माध्यम से योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पायदान तक पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
कुपोषण के खिलाफ अभियान में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया गया है। टेक होम राशन के माध्यम से बच्चों और अन्य पात्र लाभार्थियों को आयु के अनुसार पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के 43 जनपदों में 204 प्लांटों के माध्यम से टेक होम राशन की व्यवस्था संचालित है। पोषण को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने के साथ अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरत के अनुसार पैकेट तैयार किए जा रहे हैं, ताकि परिवारों तक पोषण संबंधी सुविधा नियमित रूप से पहुंच सके। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की वृद्धि, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी निगरानी को भी स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से आगे बढ़ाया जा रहा है।
बागपत में इसका सीधा असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। जिले में 1,338 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनके माध्यम से करीब 1.05 लाख लाभार्थियों को बाल विकास संबंधी सेवाएं दी जा रही हैं। इन केंद्रों के जरिए बच्चों के पोषण और प्रारंभिक देखभाल के साथ महिलाओं और परिवारों तक विभागीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। जिले में 261 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 374 सहायिकाओं के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि अब तक 163 कार्यकत्रियों और 162 सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर उन्हें रोजगार प्रदान किया जा चुका है।
कुपोषण मुक्त बागपत के अभियान में भी विभाग की निगरानी लगातार आगे बढ़ रही है। वर्तमान में जिले में 134 बच्चे एसएएम यानी अतिकुपोषित श्रेणी में हैं। इन बच्चों को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बेहतर पोषण और आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएएम से एमएएम श्रेणी की ओर सुधार कर रहे बच्चों की भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ विकास की दिशा में आगे लाया जा सके।
कार्यक्रम में बागपत के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई, जब आंगनबाड़ी सहायिका के पद से कार्यकत्री के पद पर चयनित महिलाओं को नई जिम्मेदारी दी गई। शहर बागपत की सीमा, बड़ौत क्षेत्र की अमरेश, मंटू, ऊषा, कविता, शबनम और कविता, छपरौली क्षेत्र की रीतू तथा खेकड़ा की बबीता सहित नौ महिलाओं का चयन सहायिका से आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर हुआ है। वहीं छपरौली के हलालपुर की मधु और बड़ौत के बिजरौल की सोनिया सोगरवाल का चयन आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर हुआ है।
बागपत विधायक योगेश धामा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के कार्यों की प्रशंसा की और मानदेय बढ़ोतरी एवं सुविधाओं पर बधाई दी एवं नए उत्साह से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि योगी सरकार में हर वर्ग के लोग खुशहाल है और योजनाओं से जुड़कर आगे बढ़ रहे है जिसका सीधा प्रभाव बागपत की बदल रही तस्वीर में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने आज बड़ी घोषणाओं से महिला शक्ति के श्रम एवं योगदान को सम्मान देने का कार्य किया। वहीं मुख्यमंत्री के संबोधन और घोषणाओं के दौरान सभागार में तालियों के बीच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं का उत्साह बढ़ता रहा।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक सीखने के बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करने तथा कुपोषण के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समय से पहुंचाने, स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय मजबूत रखने और टेक होम राशन सहित पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
नए उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र अब पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और परिवार-केंद्रित सेवाओं के मजबूत केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। बागपत में 1,338 केंद्रों और करीब 1.05 लाख लाभार्थियों तक पहुंच रही सेवाओं के बीच मानदेय वृद्धि और नई नियुक्तियों से इस व्यवस्था को और गति मिलेगी। सम्मान के साथ सुविधा, सुविधा के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी के साथ आर्थिक संबल—आंगनबाड़ी बहनों के लिए मिली ये सौगातें स्वस्थ बचपन और मजबूत परिवार की नींव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनकर सामने आई हैं।
इस अवसर पर विधायक योगेश धामा, जिलाधिकारी अस्मिता लाल, मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह परियोजना निदेशक राहुल वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा सहित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
सूचना विभाग, बागपत