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दिल्ली पुलिस ने देश की प्रमुख समाचार एजेंसी UNI के दफ्तर को सील कर दिया है. Delhi… 👆👇

दिल्ली पुलिस ने देश की प्रमुख समाचार एजेंसी UNI के दफ्तर को सील कर दिया है. न्यूज एजेंसी UNI के ऑफिस को दिल्ली पुलिस ने खाली कराया. UNI का आरोप…

🍃 Arogya🍃खाली पेट नींबू-गुनगुने पानी पीने के क्या फायदा है ?———————————खाली पेट नींबू-गुनगुने पानी पीने के बारे में आपने बहुत सुना होगा और शायद इसका अनुभव भी किया होगा। यह एक साधारण, लेकिन बेहद प्रभावी आदत है जो आपके शरीर और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है। आइए जानते हैं कि यह हमें क्यों और कैसे फायदा पहुंचाता है।

1. पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है:नींबू में मौजूद विटामिन C और citric acid (साइट्रिक एसिड) पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। यह आपकी आंतों को सक्रिय करता है और…

सीएम योगी के विजन को साकार कर रहा बागपत, 19 पृष्ठों की ‘पुरा महादेव मॉडल’ रिपोर्ट हुई लॉन्च

बागपत ने देश को दिया जीरो वेस्ट मॉडल, अब देश का हर जिला आसानी से अपना सकेगा मॉडल नए यूपी की नई पहचान बना बागपत, जिलाधिकारी की सोच और विजन…

मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट सभागार में की समीक्षा, “कोई मतदाता न छूटे” संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा एसआईआर अभियान

कल बागपत दौरे पर आएंगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बीएलओ एवं सुपरवाइजर से करेंगे विशेष संवाद बागपत, 20 मार्च 2026। लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला यानी मतदाता सूची को अधिक सशक्त,…

राशन दुकानदार नहीं बेच सकेंगे अब खाली बोरे, सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश

बागपत। जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण के बाद बचने वाले खाली बोरों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश…

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी, बाबा दीवाना कश्यप और 31 अन्य 1857 में बागपत जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को सादर नमन

उत्तर प्रदेश राज्य के बागपत जनपद के बड़ौत शहर के,(बड़ी खुशी की बात है) थाना बड़ौत में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परम पूजनीय बाबा शाहमल जी की प्रतिमा को बताया जाता…

अमेरिका ईरान इजरायल युद्ध में किसी भी देश को आपस में या अन्य पर प्राकृतिक संसाधनों पर हमला नहीं करना चाहिए था यह तो परमाणु युद्ध से भी खराब है परमाणु युद्ध एक बार में लाखों करोड़ों लोगों को मार देगा लेकिन प्राकृतिक संसाधन खत्म होने से धीरे-धीरे और एक साथ सब मिट्टी में मिल जाएगा

पूरी देश और दुनिया को एक साथ मिलकर युद्ध विराम के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए युद्ध हो चाहे शांति बच्चे बच्चे को अपील करनी चाहिए शांति के लिए और…

🍃 Arogya🍃स्वस्थ रहना है तो इन बातों को अनदेखा न करें…..———————————-1. आजकल बढ़ रहे चर्म रोगों और पेट के रोगों का सबसे बड़ा कारण दूधयुक्त चाय और इसके साथ लिया जाने वाला नमकीन है.

2. कसी हुई टाई बाँधने से आँखों की रोशनी पर नकारात्मक प्रभाव होता है 3. अधिक झुक कर पढने से फेफड़े,रीढ़,और आँख की रौशनी पर बुरा असर होता है 4.…

दुनिया के खुशहाल देशों का इंडेक्स जारी, भारत 116 वें स्थान पर

फिनलैंड लगातार नौंवे साल दुनिया में सबसे खुश रहने वाली आबादी का देश बना हुआ है. गुरुवार को वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट जारी हुई है, जिसमें फिनलैंड इस बार भी शीर्ष…

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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