कल बागपत दौरे पर आएंगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बीएलओ एवं सुपरवाइजर से करेंगे विशेष संवाद
बागपत, 20 मार्च 2026। लोकतंत्र की मजबूती की आधारशिला यानी मतदाता सूची को अधिक सशक्त, त्रुटिरहित और समावेशी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान 2026 की प्रगति की समीक्षा के लिए आज बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित रोल प्रेक्षक एवं सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने की। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आयोग की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ना सुनिश्चित किया जाए।
मंडलायुक्त ने बैठक के दौरान कहा कि एसआईआर अभियान लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का अभियान है। मतदाता सूची जितनी शुद्ध और अपडेट होगी, चुनाव प्रक्रिया उतनी ही पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ करें ताकि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या चूक न रह जाए।
बैठक में विशेष रूप से फॉर्म 06 (नए मतदाता पंजीकरण), फॉर्म 07 (नाम विलोपन), फॉर्म 08 (संशोधन) आदि की ऑनलाइन फीडिंग की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने पाया कि अधिकांश स्थानों पर कार्य संतोषजनक है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में गति अपेक्षाकृत धीमी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रपत्रों की समय पर और त्रुटिरहित प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन को निरस्त किया जाता है तो उसका कारण स्पष्ट और पारदर्शी रूप से दर्ज किया जाए, जिससे आवेदकों को सही जानकारी मिल सके।
“कोई मतदाता न छूटे” के मूलमंत्र को दोहराते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्राथमिकता है कि समाज के प्रत्येक वर्ग यानी युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन तथा अन्य वंचित समूह आदि को सभी को मतदाता सूची में समुचित स्थान मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विशेष अभियान चलाकर ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान करें जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है।
मंडलायुक्त ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक ईआरओ को निर्देशित किया कि वे नियमित समीक्षा करें और जहां फॉर्म फीडिंग की गति धीमी है, वहां तत्काल अतिरिक्त टीमों की तैनाती की जाए। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनपद बागपत में कुल 511 मतदान केंद्र और 1081 मतदेय स्थल स्थापित हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान अब तक 2,26,274 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन द्वारा अधिकांश मामलों का समयसीमा के भीतर निस्तारण कर लिया गया है।
मंडलायुक्त ने प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह टीमवर्क का परिणाम है, लेकिन अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अभी और प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अतिरिक्त समय देकर लंबित दावों और आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले प्रत्येक मामले का सही और पारदर्शी समाधान आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी गलती भी भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सावधानी बरती जाए।
इसके साथ ही बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि जनपद के सभी मतदेय स्थलों पर कुल 3078 बूथ लेवल एजेंट निर्धारित किए जा चुके हैं। ये एजेंट निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैठक के दौरान भारत निर्वाचन आयोग की प्राथमिकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इनमें मतदाता सूची का शुद्धीकरण और अद्यतन, नए मतदाताओं का अधिकतम पंजीकरण, डिजिटल प्लेटफॉर्म का जागरूकता हेतु व्यापक उपयोग, पारदर्शिता सुनिश्चित करना, तथा समाज के सभी वर्गों की लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाना शामिल है। मंडलायुक्त ने कहा कि इन सभी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़, समावेशी और विश्वसनीय बनाया जा सके।
अब प्रशासन का मुख्य फोकस अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर केंद्रित है। सभी अधिकारी इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहे हैं, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर एक त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके। बैठक में सभी सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कल मुख्य निर्वाचन अधिकारी का प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम