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मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत पर नावलपुर पहुँची पुलिस ने गुण्डई के बल पर जबरन कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोककर विजहरा चौकी पर पक्ष रखने का दिया दोनों पक्षों को निर्देश…

प्रभारी पुलिस चौकी, विजहरा, थाना कन्धई, जनपद- प्रतापगढ़ के समक्ष दोनों पक्ष पहुंचकर रखा अपना पक्ष, शाम तक मौका मोयना करने तक चौकी प्रभारी ने हो रहे निर्माण कार्य को…

सुबह 8:25 बजे की बड़ी खबरें

➡ लखनऊ- सीएम योगी आदित्यनाथ का आज का कार्यक्रम, लखनऊ में सीएम का बड़ा औद्योगिक कार्यक्रम, 10 लाखवीं गाड़ी जीरो-एमिशन इलेक्ट्रिक बस, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी रहेंगे…

🍃 Arogya 🍃शहतूत गले की बीमारी दूर करने का राजा———————————-शहतूत क्या गजब का फल है परमात्मा ने सृष्टि में यह इतना महत्वपूर्ण बनाया है शायद इसका मुकाबला कोई फल कर सके दुनिया में कोई ऐसा फल नहीं है जो शहतूत से महत्वपूर्ण हो क्योंकि शहतूत शरीर की सफाई बहुत ही बेहतर करता है।

शहतूत अगर मिले तो हमें अवश्य खाना चाहिए क्योंकि आवंला नींबू से बेहतर सफाई कारक जामुन होता है और जमुना से सैकड़ो गुना बेहतर शहतूत होता है। एक वर्ष के…

🍃 Arogya 🍃शहतूत गले की बीमारी दूर करने का राजा———————————-शहतूत क्या गजब का फल है परमात्मा ने सृष्टि में यह इतना महत्वपूर्ण बनाया है शायद इसका मुकाबला कोई फल कर सके दुनिया में कोई ऐसा फल नहीं है जो शहतूत से महत्वपूर्ण हो क्योंकि शहतूत शरीर की सफाई बहुत ही बेहतर करता है।

शहतूत अगर मिले तो हमें अवश्य खाना चाहिए क्योंकि आवंला नींबू से बेहतर सफाई कारक जामुन होता है और जमुना से सैकड़ो गुना बेहतर शहतूत होता है। एक वर्ष के…

कर्मचारियों के बवाल के बाद नोएडा की DM मेधा ने पिछले 2-3 दिनों में सभी औद्योगिक इकाइयों के साथ बैठक हुई और निर्देश जारी किए गए

कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनकी सैलरी कम से कम 20 हजार रुपए की जाए, जो कि अभी 9 से 13 हजार रुपए के बीच है।

इतिहास की मुख्य घटनाओं सहित पञ्चांग

🇮🇳शक सम्वत- 1948🇮🇳विक्रम सम्वत- 2083🇮🇳मास- वैशाख🌓पक्ष- कृष्णपक्ष🗒तिथि- त्रयोदशी – 22:34 तक🗒पश्चात्- चतुर्दशी🌠नक्षत्र- पूर्वाभाद्रपद – 15:23 तक🌠पश्चात्- उत्तराभाद्रपद💫करण- गर – 11:30 तक💫पश्चात्- वणिज✨योग- ब्रह्म – 13:24 तक✨पश्चात्- एन्द्र🌅सूर्योदय- 05:56🌄सूर्यास्त- 18:46🌙चन्द्रोदय- 28:51🌛चन्द्रराशि-…

साथियों Brig PS Arora और हमारे नके बेटे के साथ कुछ स्थानीय गुंडों ने बड़ी बर्बरता से पिटाई की है और वसंत विहार थाने में पुलिस वालो ने भी बतमीजी की है दो दिन तक FIR भी नहीं की और मेडिकल जाँच भी नहीं कराई इसका सीधा सा कारण आरोपी भाजपा के रसूखदार है ।मैं आज Brig साहब के परिवार से मिलकर आया हूँ जो काफ़ी सदमे मे है। हमारी एसोसिएशन एक रजिस्टर संस्था है हमने इसकी आवाज़ उठायी चाहिए, एसोसिएशन के लेटर हेड पर SHO के नाम एक सख़्त लेटर लिखा जाना चाहिये और copy to DCp, police commissioner, LG , Try services Head को भेजना चाहिये सभी से अनुरोध है अपना सुझाव भेजे और अध्यक्ष महोदय से प्रार्थना है इस पर आगे की कार्रवाई के लिए संज्ञान लें ।धन्यवादसुरेन्द्र पहलवानपूर्व अध्यक्ष[14/04, 5:25 pm] Dli Foji 15. 1. 25 Surender Pahlwan Mahroli Kisangarh Office: Respected colleagues,

Brigadier P.S. Arora and our own son were brutally assaulted by some local goons. At Vasant Vihar police station, the police personnel also behaved improperly. For two days, they neither…

नोट=देश में 43 लाख छोटे बड़े मंदिर हैं जिनकी कमाई प्रति वर्ष 120 लाख करोड़ हैं

देश को चलाने के लिए प्रति सालाना बजट 53 लाख से 60 लाख करोड़ हैंइस साल 26 और 27 का बजट 53 •57 लाख करोड़ रखा गया है लेकिन धार्मिक…

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सिर्फ चुनाव नहीं हारा था, अहंकार भी पराजित हुआ था!जुलाई 2022 में संसद के गलियारों में एक स्वर बार-बार सुनाई दे रहा था— “जवाब दो सोनिया गांधी…” “सुनो सोनिया गांधी…” “माफ़ी मांगो सोनिया गांधी…”अधीर रंजन चौधरी के एक बयान को लेकर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से तीखे अंदाज़ में सवाल किए। राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राजनीति में शब्दों और व्यवहार की मर्यादा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।कहा जाता है कि उस घटना ने कांग्रेस नेतृत्व, विशेषकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भीतर तक प्रभावित किया। इसके बाद अमेठी में राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं रहा, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रश्न भी बन गया।2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी से अपने समर्पित कार्यकर्ता किशोरी लाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया। चुनाव प्रचार की कमान प्रियंका गांधी ने संभाली और परिणाम सबके सामने था। स्मृति ईरानी को भारी अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा।राजनीति के जानकार इस परिणाम को केवल चुनावी हार नहीं, बल्कि सत्ता और पद के अहंकार पर जनता के निर्णय के रूप में भी देखते हैं।सत्ता स्थायी नहीं होती। पद, प्रतिष्ठा और अधिकार समय के साथ आते-जाते रहते हैं। जो स्थायी रहता है, वह है व्यक्ति का व्यवहार, उसकी विनम्रता और लोगों के प्रति उसका सम्मान।यही कारण है कि इतिहास बार-बार हमें सिखाता है—”ये सत्ता का दबदबा, ये हुकूमत, ये दौलत का नशा, किरायेदार हैं सब, घर बदलते रहते हैं।”पद का अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। आज जो शिखर पर है, कल उसे भी जनता के बीच खड़ा होना पड़ सकता है। इसलिए शब्दों में संयम, व्यवहार में विनम्रता और विरोधियों के प्रति भी सम्मान बनाए रखना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।

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