चीन ने हाल के वर्षों में तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) में, खासकर भारत-चीन सीमा (LAC) के पास कई नए प्रशासनिक ढांचे बनाए हैं।सबसे ज़्यादा चर्चा जिस क्षेत्र की है, वह है:
अरुणाचल प्रदेश के पासचीन ने ल्होखा (Shannan) क्षेत्र में नई काउंटी/टाउनशिप बनाई हैंये इलाका भारत के अरुणाचल प्रदेश (जिसे चीन “दक्षिण तिब्बत” कहता है) के सामने पड़ता हैयहाँ “बॉर्डर विलेज”…
प्रेस विज्ञप्ति.31 म ई 25 सेवानिवृत होने के एक साल बाद भी लिपिक व शिक्षणेत्र कर्मचारी की पेनशन व जी पीएफ पत्रावली का डी आई ओ एस राघवेंद्र सिंह ने नहीं किया निस्तारण.इसके नाराज शिक्षक नेता जितेन्द्र तोमर ने इस प्रकरण की शिकायत सीएम पोर्टल शिकायत संख्या 40013926008464 के द्वारा सीएम योगी को की.31 म ई2025 को शिक्षणेत्र कर्मचारी ओमबीर बालियान व 30 जून 25 को लिपिक श्रीमति सुधा श्रमा वीर स्मारक इंटर कालेज बडौत से सेवानिवृत हुए थे जिनकी पेनशन व जीपीएफ पत्रावलियो का निस्तारण जिलाविधाल्य निरीक्षक बागपत द्वारा आज दिनांक10_4_26 तक भी नहीं किया जिससे दोनो के परिवार आर्थिक तंगी से झूज रहे है इतना तो तब है जब श्रीमति सुधा विधवा हैइसी तनाव के चलते शिक्षणेत्र कर्मचारी ओमबीर बालियान को हार्ट प्रोबलम है वो पंथ मैडिकल दिल्ली एडमिट है अगर इस तनाव मेओमबीर के साथ अनहोनी हो गई तो इसका जिम्मेदार डी आई ओ एस होग
प्रेस विज्ञप्ति.31 म ई 25 सेवानिवृत होने के एक साल बाद भी लिपिक व शिक्षणेत्र कर्मचारी की पेनशन व जी पीएफ पत्रावली का डी आई ओ एस राघवेंद्र सिंह ने…
श्रम विभाग बडौत द्वारा पिछले कई सालो से बिनौली रोड बडौत पर ताला लटके इस श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय का भवन मालिक को किराया देकर सरकार को हर साल लाँखो रूपए का चूना क्यो लगाया जा रहा है. पिछले सालो से पुरे जनपद बागपत मे एक ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी है.बडौत के श्रमिकों को अपनी छोटी छोटी समस्या के लिए बागपत जाना पडता हैबडौत मे श्रम प्रवर्तन अधिकारी न होने से बुधवार साप्ताहिक मार्केट बंदी के दिन भी मार्केट खुला रहता हैबडौत श्रमिक ऐ ने अलग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी की माँग की हैप्रवीण कुमार वर्मा अध्यक्ष बड़ौत श्रमिक एसोसिएशन जनपद-बागपत
श्रम विभाग बडौत द्वारा पिछले कई सालो से बिनौली रोड बडौत पर ताला लटके इस श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय का भवन मालिक को किराया देकर सरकार को हर साल…
जनपद शामली के कृष्णा गार्डन में संयुक्त कश्यप महासभा द्वारा आयोजित महर्षि कश्यप जी एवं निषाद राज विशाल जयंती महोत्सव रैली का सफल आयोजन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि dr Dinesh Sharma जी सांसद पूर्व उपमुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश की गरिमामयी उपस्थिति एवं उनके प्रेरणादायक उद्बोधन ने सभी को नई ऊर्जा और दिशा…
जिस सामाजिक कार्यक्रम शामली में आप उपस्थित थे वहां उस समाज की कोई भी बात आपने नहीं करी। जैसे इस समाज को हासिये पर रखा गया काफी सालों से, जहां उसकी हिस्सेदारी हक अधिकार आरक्षण रोजगार व्यापार की कौन सी बात आपने करी।
SC/ST महिलाओं के लिए पहले से आरक्षण है… OBC महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान करे सरकार, वरना माना जाएगा कि ये सरकार अत्यंत पिछड़े वर्गों की दुश्मन है…! ‘नारी…
सूचनार्थसमस्त बागपत कांग्रेस के वर्तमान एवं न्यू वर्तमान सांसद विधायक मंत्रीगण एवं प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी गणों एवं समस्त फ्रंटल कांग्रेस के पदाधिकारी गणों को सूचित किया जाता है कि दिनांक 14 अप्रैल 2026 दिन मंगलवार को प्रातः 11:00 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय गोरीपुर मोड पर भारतीय संविधान की मुख्य वास्तुकार एवं समाज सुधारक बाबा भीमराव अंबेडकर जी की जयंती का आयोजन किया जाएगा आप समझ साथी समय से उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं
निवेदकजिला कांग्रेस कमेटी बागपत सूचनार्थसमस्त बागपत कांग्रेस के वर्तमान एवं न्यू वर्तमान सांसद विधायक मंत्रीगण एवं प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी गणों एवं समस्त फ्रंटल कांग्रेस के पदाधिकारी…
आदिवासियों, मूल जातियां, अत्यंत पिछड़ी जातियों के पूर्वज प्राचीन हुंनरबाज थे, जिन्होंने कपड़े की सिलाई, सफाई, जूते का आविष्कार, नाव का आविष्कार, केश कला, कपड़ों की सफाई सजावट , अन्न उपजाने, विभिन्न प्रकार की सब्जियों के उत्पादन, महिलाओं की चूड़ियां श्रंगार के सामान और सज्जा, न्यूट्रीशियन, लकड़ी के फर्नीचर, लोहे, तांबे,पीतल, फूलकांसा आदि के बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण बनाकर मानव सभ्यता को सजाया संवारा और आज भी जारी है। जहां यूरोप अमेरिका में dignity of labour है और इनकी सर्वोपरि इज़्ज़त है। ठीक इसके उलट भारत में कुछ भी काम न जानने वालों, बैठकर दूसरे की कमाई खाने वालों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है वहीं वैज्ञानिक कमेरा समाज को शूद्र, अति शूद्र, दलित, अति दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा कहते हुए समाज की निम्नतम श्रेणी में रखकर उपेक्षित वंचित और अपमानित किए जाने को अपनी परम्परा मानकर शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक रूप से संसाधनों में भागीदार न बनाते हुए एक विशाल वर्ग को कमजोर मजलूम, वंचित बनाकर रखा जाता रहा है और इनके सख्यानुपातिक भागीदारी की मांगों को कुचल दिया जाता है।यह सिलसिला तत्काल रुकना चाहिए। देश की हुनरमंद दो-तिहाई से अधिक आबादी को बिना सक्षम बनाए या ये कहा जाए कि बिना देशवासियों को विकसित किए भला देश कैसे विकसित किया जा सकता है।इनको समता समानता दिखाई नहीं देती 5 एकड़ से कम जमीन, 8 लाख वार्षिक आय है तो वो जनरल कैटेगरी (EWS) के लोग गरीब हैं…और अत्यंत पिछड़े वर्ग कश्यप निषादों के पास 1 गट्टा या 1 डिसमिल भी जमीन न हो, 50 हजार से भी कम वार्षिक आय हो तो वो अमीर हैं।इसी को भेदभाव अन्याय कहते हैं?सोचिए और उचित मानें तो विचार को प्रवाह दीजियेगा।
✍️AKS आदिवासियों, मूल जातियां, अत्यंत पिछड़ी जातियों के पूर्वज प्राचीन हुंनरबाज थे, जिन्होंने कपड़े की सिलाई, सफाई, जूते का आविष्कार, नाव का आविष्कार, केश कला, कपड़ों की सफाई सजावट ,…
फोटो में दिखाई दे रहा शख्स बहुत बड़ा बहरूपिया और रंग बदलने में माहिर है आज इसकी फोटो अलग अलग ड्रेसों में सोशल मीडिया पर घूम रही है
ये बंदा कभी फकीर बाबा बन जाता है कभी डॉक्टर , इंजिनियर , वकील , पायलेट , साइंटिस्ट , लोको पायलट , मास्टर , प्रिंसिपल , प्रोफसर ,हर राज्य की…
अब अपनी विरासत से पहचाना जाएगा बागपत, पहली हेरिटेज ट्रेल से बदलेगी जिले की तस्वीर
गांव-गांव की कहानी अब बनेगी पहचान, विरासत पर गर्व करेगा बागपत विरासत के साथ विकास का संकल्प निभाएगा बागपत, पहली हेरिटेज ट्रेल से इतिहास और पहचान का होगा संगम महाभारत…
