Spread the love

शारदीय नवरात्रि एवं अन्य त्यौहारों को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए

बागपत 23 सितंबर 2025 —जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में आज जनपद के समस्त नगर निकायों नगर पालिका परिषद बागपत खेकड़ा बड़ौत एवं नगर पंचायतों रटोल अमीनगर सराय ,टटीरी छपरौली आदि सहित ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक एंटी-लार्वा छिड़काव, फॉगिंग एवं साफ-सफाई अभियान संचालित किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया है कि आगामी शारदीय नवरात्रि एवं अन्य त्यौहारों को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रत्येक गांव एवं नगर में नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई, कचरा निस्तारण तथा एंटी-लार्वा छिड़काव एवं फॉगिंग का कार्य समयबद्ध रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही होगी, ऐसे में किसी भी सार्वजनिक स्थल, धार्मिक स्थल अथवा गली-मोहल्लों में गंदगी एवं जलभराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। यदि किसी स्थान पर गंदगी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि साफ-सफाई के अभाव में बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए सभी अधिकारीगण यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक गांव एवं नगर में स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बना रहे।
उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता एवं एंटी-लार्वा अभियान में सक्रिय सहयोग करें तथा अपने घर एवं आस-पड़ोस को साफ-सुथरा रखें।

सूचना विभाग बागपत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

जिस नौकरी को पाने के लिए छात्र दिन रात मेहनत करते हैं मैडम ने हंसते हुए त्याग पत्र दे दिया। अंदर का पता नहीं लेकिन पाती को पढ़ना चाहिए। धन्य है वो परिवार जिसके साये में संस्कार मिले। पढ़िए ये त्यागपत्र…IAS दिव्या मित्तल मैडम ने x पर लिखा है कि आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर ‘सब कुछ’ पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है। #ias #divyamittal #Resignation

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

sbobet

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

situs judi bola

×