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जिला अस्पताल में प्रभारी मंत्री व सांसद ने किया शुभारंभ, प्रधानमंत्री मोदी का लाइव संबोधन देखा गया

02 अक्टूबर तक स्वास्थ्य शिविर और 16 अक्टूबर तक चलेगा राष्ट्रीय पोषण माह

गाँव-गाँव पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएँ, हर दिन लगेंगे शिविर, स्वस्थ जीवनशैली और पोषण सुधार को जनांदोलन बनाने का आह्वान

बागपत, 17 सितंबर 2025 — आज जिला संयुक्त चिकित्सालय से ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ (17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025) और 8वें राष्ट्रीय पोषण माह (17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025) का शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के धार जिले से राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उनका लाइव संबोधन जनसमूह ने उत्साह के साथ सुना।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह अभियान नारी शक्ति को केंद्र में रखकर शुरू किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकसित भारत के चार स्तंभों में नारी शक्ति, युवा शक्ति, किसान और गरीब तभी सशक्त होंगे जब हर महिला स्वस्थ होगी और हर बच्चा पोषित होगा। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी अपनाने, जीवनशैली में सुधार लाने और सामूहिक भागीदारी से विकसित भारत अभियान में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पूरे देश की माताओं और बहनों के लिए है। जब हमारी महिलाएँ स्वस्थ होंगी तभी परिवार सशक्त होंगे और राष्ट्र समृद्ध होगा।

जनपद प्रभारी मंत्री एवं औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी ने शुभारंभ अवसर पर कहा कि यह अभियान जनभागीदारी से जनस्वास्थ्य का राष्ट्रीय महाअभियान है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि गाँव-गाँव और घर-घर तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएँ पहुँचें। महिलाएँ और माताएँ परिवार की धुरी हैं, उनका स्वास्थ्य ही समाज की नींव है। बागपत लोकसभा सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल नारी सशक्तिकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का ऐतिहासिक कदम है।

इस दौरान जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों एवं स्टॉल्स पर लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई जिसका प्रभारी मंत्री एवं अन्य गणमान्य ने निरीक्षण किया। शिविरों में लोगों की मौके पर ही जांच की गई एवं आयुषमान भारत जैसी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पूरे जिले में जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। महिलाओं के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ जैसे ईएनटी, नेत्र, दंत, रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर स्क्रीनिंग (स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा), गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच, टीकाकरण, एनीमिया स्तर जांच, टीबी व सिकल सेल रोग की जांच तथा टेली-मानस परामर्श जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

सेवाओं तक आसान पहुँच और योजनाओं का लाभ हेतु मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना नामांकन, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सिकल सेल कार्ड, और पोषण ट्रैकर में पंजीकरण की सुविधा भी शिविरों पर दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक महिलाएँ योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी हेतु अभियान को जनआंदोलन बनाने के लिए रक्तदान शिविर, नि:क्षय मित्र पंजीकरण, अंगदान संकल्प जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

8वें राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत पूरे जनपद में व्यापक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इस दौरान कुपोषण और एनीमिया नियंत्रण हेतु विशेष पोषण शिविर लगाए जाएंगे तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए पोषण मेले एवं जागरूकता कार्यक्रम होंगे। स्थानीय व पारंपरिक खाद्य पदार्थों तथा मोटे अनाज (मिलेट्स) के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ लोगों को चीनी और तेल की खपत कम करने तथा मोटापा रोकने के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्कूलों, पंचायतों और सामुदायिक स्थलों पर जनभागीदारी अभियान चलाकर पोषण संकल्प, अन्नप्राशन समारोह और संतुलित आहार प्रदर्शन किए जाएंगे। साथ ही, लाभार्थियों को पोषण ट्रैकर पर पंजीकृत कर निरंतर निगरानी की जाएगी, ताकि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उन्हें मिल सके।

स्वयंसेवकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सामुदायिक संगठनों की मदद से अभियान में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह अभियान केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त नेतृत्व में चलाया जा रहा है। पूरे देश में एक लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे और सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन विशेष शिविर लगेंगे।

जनपद के स्वास्थ्य शिविरों में स्त्री रोग, बाल रोग, नेत्र रोग, दंत चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य जैसी विशेषज्ञ सेवाएँ भी उपलब्ध होंगी। आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह और माई भारत के स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों पर अन्नप्राशन समारोह, संतुलित आहार प्रदर्शन और मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि हर नागरिक को इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान, पोषण सुधार और जीवनशैली में बदलाव जैसे संकल्पों को जनांदोलन बनाने पर बल दिया। प्रभारी मंत्री व सांसद ने लोगों से अपील की कि वे अपनी माताओं, बहनों और बेटियों के स्वास्थ्य और सम्मान को सर्वोपरि मानते हुए इस अभियान को सफल बनाएं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि किसी भी महिला को सुविधा से वंचित न रहने दिया जाए। यह अभियान बागपत जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को पहली बार एक साथ व्यापक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं का लाभ मिलेगा। यह कार्यक्रम न सिर्फ कुपोषण और बीमारियों को कम करने में मदद करेगा, बल्कि बेटियों और माताओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी निर्णायक साबित होगा।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तीरथ लाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनुराग, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ यशवीर, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरचंद वर्मा, अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना सहित आदि उपस्थित रहे।

सूचना विभाग बागपत

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