12 बोर की बंदूक जिसे पेलेट गन बोलते हैं वह एक ही व्यक्ति को कैसे लग सकती है। 12 बोर की बंदूक के चेहरे बहुत दूर तक फैलते हैं लोगों को घायल कर सकती थी अगर चलती थी।
आलोक दुबे कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इन बल बुद्धि को कौन समझाए
बिहार में एक-47 चली पहले जवान को सस्पेंड कर दिया।
ऑपरेशंस इंदौर में 6 जवान शहीद हुए और भाजपा सरकार ने कहा कि कोई जवान शहीद नहीं हुआ 1 साल के बाद 6 जवान शहीद होने की बात स्वीकार ली
मैं सुभाष चंद्र के सब बताना चाहूंगा कि 12 बोर की बंदूक अगर एक नंबर की गोली है और बैरल की लंबाई 30 इंच है तो 80 मीटर तक एक फिट डायमीटर में उसके छर्रे फैलते हैं
अगर 32 इंच बैरल की लंबाई है तो उसके छर्रे 100 मीटर पर एक फिट डायमीटर में फैलती है।
इसके बाद 12 बोर की बंदूक के छर्रे निष्क्रिय हो जाते हैं और वह इंसान के शरीर में नहीं घुस सकते
12 बोर की बंदूक और टारगेट के बीच की दूरी अगर कम है तो छर्रों का डायमीटर कम होता चला आएगा
अगर 50 मीटर कम दूरी से 12 बोर की बंदूक से टारगेट पर फायर किया जाए तो किसी भी टारगेट को भारी नुकसान पहुंचा जा सकता है अगर दिल पर 12 बोर के चारे लगते हैं तो 6 इंच के डायमीटर में पूरे दिल को छेड़ सकते हैं और टारगेट भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
निवेदक
सुभाष चंद कश्यप
पूर्व सांसद प्रत्याशी बागपत लोकसभा 2014 निर्दलीय 9837749557 31 जुलाई 2026